नई दिल्ली। ईरान और इजरायल के बीच लगातार बढ़ते तनाव के बीच शुक्रवार सुबह ईरान की राजधानी तेहरान के गिशा इलाके में हुए एक जोरदार धमाके ने स्थिति को और विस्फोटक बना दिया। इस हमले में ईरान के एक शीर्ष न्यूक्लियर साइंटिस्ट की मौत हो गई। इजरायली मीडिया Kan News के अनुसार, यह हमला इजरायल की डिफेंस फोर्स (IDF) द्वारा किया गया बताया जा रहा है। एक इजरायली अधिकारी ने दावा किया है कि हमले का मकसद ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम से जुड़े प्रमुख वैज्ञानिक को निशाना बनाना था, जो कथित तौर पर मारा गया।
पुलिस लाइन में जब्त शराब का नष्टीकरण, बोतलों पर चला बुलडोजर
हालांकि, ईरानी सरकार ने इस हमले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन यह घटना दोनों देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण हालात को और भड़का सकती है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने इजरायल को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमले नहीं रुके तो ईरान जवाबी कार्रवाई को और भी सख्त करेगा। उन्होंने कहा कि शांति की एकमात्र राह यही है कि इजरायली हमले तुरंत और बिना शर्त रोके जाएं।
KL राहुल ने पहले टेस्ट से पहले किया बड़ा खुलासा, कहा- गिल के कप्तान बनते ही…
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी अमेरिका और अन्य देशों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जब तक इजरायली हमले जारी रहेंगे, किसी भी तरह की बातचीत या कूटनीति की कोई संभावना नहीं है। अराघची ने कहा, “हम बातचीत के इच्छुक नहीं हैं, अमेरिका ने कई बार संपर्क किया, लेकिन हमने स्पष्ट कर दिया है कि ज़ायोनिस्ट शासन के हमले खत्म होने तक कोई बातचीत नहीं होगी। अराघची ने यह भी कहा कि ईरान अपनी रक्षा करने का पूरा हक रखता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि ईरानी मिसाइल हमले सिर्फ सैन्य ठिकानों पर केंद्रित हैं, नागरिक ठिकानों पर नहीं। यदि इजरायल ईरान के आर्थिक ढांचों पर हमला करता है, तो ईरान भी इजरायल के आर्थिक संस्थानों को निशाना बनाएगा। इस घटनाक्रम ने मध्य-पूर्व में नए संघर्ष की आशंका को जन्म दे दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है।




