नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने शनिवार को नागपुर में संविधान प्रस्तावना पार्क के उद्घाटन समारोह के दौरान कहा कि अनुच्छेद 370 बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की ‘एक संविधान’ की सोच के खिलाफ था। उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने कभी किसी राज्य के लिए अलग संविधान का समर्थन नहीं किया, बल्कि हमेशा एक राष्ट्र और एक संविधान की पैरोकारी की। चीफ जस्टिस गवई, उस पांच सदस्यीय संविधान पीठ का हिस्सा थे, जिसने 11 दिसंबर 2023 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के केंद्र सरकार के फैसले को बरकरार रखा था। उन्होंने कहा कि इस निर्णय के पीछे प्रेरणा अंबेडकर के अखंड भारत और एक संविधान की दृष्टि रही है।
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कोर्ट ने फैसले में कहा था कि अनुच्छेद 370 एक अस्थायी प्रावधान था और भारतीय संविधान के सभी प्रावधान जम्मू-कश्मीर में लागू हो सकते हैं। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 370 को हटाने के आदेश को भी वैध करार दिया था। केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले की वैधता बरकरार रखते हुए राज्य में 30 सितंबर 2024 तक विधानसभा चुनाव कराने का निर्देश भी दिया है। सीजेआई गवई के अनुसार, यह फैसला न सिर्फ कानूनी बल्कि राष्ट्रीय एकता और संविधान की मूल भावना को मजबूत करने वाला निर्णय है।




