हैदराबाद। तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। गोशामहल से तीन बार विधायक रह चुके टी राजा सिंह ने सोमवार को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी के संभावित प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पूर्व एमएलसी रामचंदर राव के नाम को लेकर नाराजगी जताई।
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राजा सिंह ने अपना इस्तीफा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जी किशन रेड्डी को भेजा और कहा कि कई लोग चुप हैं, इसका मतलब यह नहीं कि वे सहमत हैं। उन्होंने इसे लाखों कार्यकर्ताओं के लिए सदमे जैसा बताया और केंद्रीय नेतृत्व से फैसले पर पुनर्विचार की मांग की।
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष पद के लिए सोमवार को नामांकन प्रक्रिया हुई, जिसमें रामचंदर राव ने समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल किया। अब तक किसी अन्य नेता ने नामांकन नहीं किया है, जिससे माना जा रहा है कि एक जुलाई को उनके नाम का औपचारिक ऐलान हो सकता है।
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टी राजा सिंह को 2022 में पार्टी से निलंबित किया गया था, जिसे अक्टूबर 2023 में वापस ले लिया गया। उन पर 105 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से 18 सांप्रदायिक प्रकृति के हैं। इस्तीफे के बाद राज्य की राजनीति में नया मोड़ आने की संभावना है।
टी राजा ने लिखा- “यह पत्र व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के बारे में नहीं है, बल्कि उन लाखों वफादार भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के दर्द और हताशा को दर्शाता है, जो खुद को दरकिनार और अनसुना महसूस करते हैं। कुछ चुनिंदा लोग पर्दे के पीछे से शो चला रहे हैं, जिससे आंतरिक असंतोष और जमीनी स्तर से जुड़ाव खत्म हो रहा है। मैं सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन अनगिनत कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के लिए बोल रहा हूं जो हमारे साथ आस्था में खड़े थे और जो आज निराश महसूस कर रहे हैं।
हालांकि मैं पार्टी से अलग हो रहा हूं, परंतु मैं हिंदुत्व की विचारधारा, धर्म की सेवा और गोशामहल की जनता के लिए पूर्ण रूप से समर्पित हूं। मैं अपनी आवाज को और ज्यादा मजबूती से उठाता रहूंगा और हिंदू समाज के साथ दृढ़ता से खड़ा रहूंगा।”




