नई दिल्ली: देश के अधिकांश हिस्से इस समय दक्षिण-पश्चिमी मानसून की चपेट में हैं। देशभर में रुक-रुक कर भारी बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। राजधानी दिल्ली में जून के आखिरी दिन बारिश ने राहत दी, लेकिन जुलाई की शुरुआत में गर्मी और उमस ने फिर परेशान किया।
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मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में आगामी 7 जुलाई तक मूसलाधार बारिश की संभावना है। इस बीच हिमाचल प्रदेश में मानसून तबाही लेकर आया है। मंडी जिले में भारी बारिश से बादल फटने और अचानक आई बाढ़ की घटनाओं ने कोहराम मचा दिया है। अब तक 5 लोगों की मौत, 5 घायल और 16 लोग लापता बताए जा रहे हैं। मंगलवार को बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन की कुल 11 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश मंडी में हुईं। सोमवार शाम से मंडी में 253.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। भारी बारिश से राज्य में कुल 406 सड़कें बंद हो गई हैं, जिनमें से 248 सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह ठप है।
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बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह बाधित हुई है, जहां करीब 994 ट्रांसफार्मर ठप हो चुके हैं। इसके अलावा 24 घर, 12 पशुशालाएं, एक पुल और कई सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के मुताबिक अब तक मंडी से 278, हमीरपुर से 51 और चंबा से 3 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। मौसम विभाग ने कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए बुधवार को तथा ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए शनिवार को ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। उत्तराखंड में भी मानसून का असर लगातार बना हुआ है। देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत और टिहरी में भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, चार धाम यात्रा मार्गों पर भी भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, उत्तरकाशी और चमोली समेत कई जिलों में मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम के बिगड़ते मिजाज के चलते प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।




