गाजा। इजरायल और हमास के बीच जारी युद्ध और अधिक भयावह होता जा रहा है। ताजा घटनाक्रम में इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) द्वारा गाजा पट्टी में राशन के लिए लाइन में खड़े लोगों पर गोलीबारी किए जाने की खबर सामने आई है। इस हमले में कुल 82 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें से 38 लोग ऐसे थे जो राहत सामग्री पाने के लिए लाइन में खड़े थे। फिलहाल IDF की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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बताया जा रहा है कि इस हमले में गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन से जुड़े पांच कार्यकर्ता भी मारे गए हैं। यह संगठन अमेरिका आधारित है और इजरायल समर्थित माना जाता है, जो गाजा की जनता को भोजन व अन्य सहायता पहुंचाने का कार्य कर रहा था। इसके अलावा गाजा के अन्य इलाकों में सहायता ट्रकों का इंतजार कर रहे 33 और लोग भी इजरायली हमले की चपेट में आकर मारे गए।
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गाजा में मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है। लोग खाने-पीने की चीजों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं राहत पहुंचाने वालों को भी निशाना बनाया जा रहा है। इजरायली हमलों के कारण राहत कार्यों में लगे संगठनों को भी भारी नुकसान हो रहा है।
इसी बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक कड़ा संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा है कि इजरायल का लक्ष्य केवल हमास को हराना नहीं, बल्कि उसे पूरी तरह समाप्त करना है। उन्होंने साफ कहा कि गाजा में वास्तविक शांति तभी आएगी जब वहां हमास का कोई भी आतंकी नहीं बचेगा। युद्ध समाप्त होने के बाद गाजा से हमास का पूरी तरह सफाया कर दिया जाएगा।
वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को दावा किया कि इजरायल 60 दिनों के युद्धविराम के लिए सहमत हो गया है। उन्होंने कहा कि जैसे उन्होंने ईरान में शांति के प्रयास किए थे, वैसे ही गाजा में भी वह स्थायी समाधान लाने के प्रयास करेंगे।
गाजा में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें इस संकट पर टिकी हुई हैं।




