नई दिल्ली।
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी Reuters का X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट भारत में ब्लॉक होने के बाद सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस संबंध में उसने कोई कानूनी निर्देश नहीं दिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने रविवार को बयान जारी कर कहा कि भारत सरकार को Reuters के अकाउंट को ब्लॉक करने की कोई आवश्यकता नहीं थी और वह X (ट्विटर) के साथ मिलकर इस समस्या का समाधान निकालने में जुटी हुई है।
गौरतलब है कि रविवार को Reuters के मुख्य X हैंडल पर संदेश दिखाई देने लगा, “यह अकाउंट एक कानूनी अनुरोध के जवाब में भारत में withheld कर दिया गया है।” इसके बाद सरकारी सूत्रों ने बताया कि यह मामला संभवतः ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 7 मई को जारी हुए एक पुराने आदेश से जुड़ा है, जिसे अब X द्वारा गलती से लागू कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने X से संपर्क कर इस आदेश को वापस लेने और अकाउंट को तत्काल अनब्लॉक करने की मांग की है।
दिलचस्प बात यह है कि जहां Reuters के अन्य हैंडल जैसे टेक न्यूज़, फैक्ट चेक, एशिया और चाइना भारत में सुचारू रूप से चल रहे हैं, वहीं मुख्य Reuters और Reuters World अकाउंट भारत में फिलहाल बंद हैं।
X की नीति के अनुसार, यदि किसी देश के कानून या अदालती आदेश के तहत सामग्री को रोका जाता है, तो “withheld” संदेश दिखाया जाता है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि X इस गलती को कितनी जल्दी सुधारता है और Reuters का मुख्य अकाउंट भारत में दोबारा कब चालू होता है।




