नई दिल्ली। भारत के वर्तमान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों और चिकित्सकीय सलाह का हवाला देते हुए अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह इस्तीफा संविधान के अनुच्छेद 67(a) के तहत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित एक पत्र के माध्यम से सौंपा।
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स्वास्थ्य को बताया प्राथमिकता
अपने त्यागपत्र में धनखड़ ने लिखा:
“स्वास्थ्य की प्राथमिकता और चिकित्सकीय सलाह का पालन करते हुए, मैं भारत के उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे रहा हूं।”
उन्होंने अपने पत्र में राष्ट्रपति को उनके सहयोग और सौहार्दपूर्ण संबंधों के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए भी आभार प्रकट किया।
कार्यकाल को बताया गौरवपूर्ण अनुभव
धनखड़ ने संसद के सभी सदस्यों के प्रति आभार जताते हुए लिखा:
“मुझे संसद के माननीय सदस्यों से जो स्नेह, विश्वास और सम्मान मिला, वह जीवनभर मेरे हृदय में संचित रहेगा।”
उन्होंने उपराष्ट्रपति के रूप में मिले अनुभवों को “भारत के लोकतंत्र का जीवंत प्रतिबिंब” बताया और कहा कि भारत के वैश्विक उदय और उज्ज्वल भविष्य में उन्हें पूर्ण विश्वास है।
धनखड़ का राजनीतिक सफर
- उप राष्ट्रपति पद: 6 अगस्त, 2022 को हुए चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को हराकर भारत के 14वें उपराष्ट्रपति बने।
- मतदान परिणाम: 725 में से 528 वोट मिले, जबकि अल्वा को 182 वोट प्राप्त हुए।
- पूर्व राज्यपाल: उपराष्ट्रपति बनने से पहले वे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे।
- जन्म और शिक्षा:
- जन्म: 18 मई, 1951 – झुंझुनू, राजस्थान, एक साधारण किसान परिवार में।
- पढ़ाई: गाँव के स्कूल से शुरुआती शिक्षा, फिर चित्तौड़गढ़ सैनिक स्कूल में स्कॉलरशिप के जरिए दाखिला।
- उनका नेशनल डिफेंस अकादमी में चयन भी हुआ था, लेकिन उन्होंने वहाँ प्रवेश नहीं लिया।
राजनीतिक हलकों में हलचल
धनखड़ के अचानक इस्तीफे से राष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई है। उनकी विदाई ऐसे समय में हो रही है जब संसद का मानसून सत्र चल रहा है और उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति भी होते हैं। अब यह देखना अहम होगा कि सरकार अगला उपराष्ट्रपति किसे नामित करती है और क्या उपराष्ट्रपति पद के लिए जल्द चुनाव कराए जाएंगे।




