नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ में दो ननों की गिरफ्तारी को लेकर सियासत तेज हो गई है। धर्मांतरण और मानव तस्करी के गंभीर आरोपों से जुड़े इस मामले ने प्रदेश से लेकर दिल्ली तक हलचल मचा दी है। बुधवार को संसद के शून्यकाल के दौरान दुर्ग लोकसभा से सांसद विजय बघेल ने यह मामला जोरशोर से उठाया।
सांसद बघेल ने सदन में कहा कि दुर्ग रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी और धर्मांतरण के प्रयास को जागरूक नागरिकों ने नाकाम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि, दो नन बस्तर की आदिवासी बेटियों को आगरा ले जा रही थीं। उन्होंने सीधे तौर पर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के अन्य नेता मानव तस्करी और धर्मांतरण को बढ़ावा दे रहे हैं।
बघेल ने कहा कि, शांतिप्रिय छत्तीसगढ़ में कांग्रेस भ्रम फैला रही है और अराजकता की स्थिति पैदा करने का प्रयास कर रही है। कानून अपना काम कर रहा है, लेकिन विपक्ष ननों के समर्थन में खड़े होकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
Read Also- राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर तीखी बहस: नड्डा ने कहा- 2014 से पहले होते थे बम धमाके, UPA सरकार खिलाती थी पाकिस्तानियों को मिठाई
देश की सांस्कृतिक एकता पर खतरा: बृजमोहन अग्रवाल
वहीं रायपुर से सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल ने भी इस मामले में कांग्रेस और विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे देश की जनसांख्यिकी और सामाजिक संरचना को तोड़ने की साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, यह देश की सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों पर सीधा हमला है।
बृजमोहन ने कहा कि, गिरफ्तार की गई दोनों ननों पर आदिवासी क्षेत्रों में प्रार्थना सभाओं की आड़ में धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने के आरोप हैं। यह मामला सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि धर्मांतरण के पीछे चल रहे एक बड़े नेटवर्क की कड़ी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के कई नेता और सांसद ऐसे मामलों में आरोपियों के समर्थन में खड़े हो जाते हैं।
Read Also- नन गिरफ्तारी विवाद: केरल भाजपा अध्यक्ष ने पुलिस पर साधा निशाना, कहा- ननों का धर्मांतरण से कोई संबंध नहीं
विपक्ष को स्पष्ट करना होगा अपना रुख
बृजमोहन अग्रवाल ने विपक्ष से सीधा सवाल किया कि वे स्पष्ट करें कि वे धर्मांतरण के खिलाफ हैं या समर्थन में। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष धर्मांतरण के खिलाफ है तो फिर ऐसे मामलों में दोषियों के समर्थन में क्यों खड़ा होता है?
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति और पहचान को बचाने के लिए कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि भाजपा और केंद्र सरकार आदिवासियों की सांस्कृतिक विरासत की रक्षक है और धर्मांतरण के किसी भी षड्यंत्र को सफल नहीं होने देगी।




