नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग पर लगाए गए गंभीर आरोपों—फर्जी पते, पहचान, इलेक्ट्रॉनिक डेटा नहीं देना, मतदाता सूची में गड़बड़ी, वोटिंग प्रतिशत में अचानक बढ़ोतरी, बीजेपी की मदद और संविधान का उल्लंघन—के जवाब में चुनाव आयोग ने प्रतिक्रिया दी है।
आयोग का जवाब
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को पुरानी स्क्रिप्ट करार देते हुए कहा, “यह पुरानी बोतल में नई शराब की तरह है। एक ही बात को बार-बार दोहराया जा रहा है।” आयोग ने स्पष्ट किया कि ये आरोप 2018 में मध्य प्रदेश के तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा भी लगाए गए थे। उस समय कमलनाथ ने सुप्रीम कोर्ट में एक निजी वेबसाइट से डाउनलोड किए गए डेटा को पेश किया था, लेकिन सच यह था कि उल्लिखित खामियां चार महीने पहले ही ठीक कर ली गई थीं और पार्टी को कॉपी भी सौंपी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
कमलनाथ ने ‘सर्चेबल पीडीएफ’ वोटर लिस्ट की मांग को आधार बनाकर कोर्ट का रुख किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। आयोग ने दावा किया कि मौजूदा आरोप भी उसी आधार पर हैं और इनका कोई नया साक्ष्य पेश नहीं किया गया है।




