दिल्ली। देश की राजनीति में बड़ा मोड़ आया है। विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज B. सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। रेड्डी, जो अपनी सख्त छवि और निष्पक्ष न्यायिक फैसलों के लिए जाने जाते हैं, अब संवैधानिक राजनीति के अहम चेहरे बनकर उभरे हैं।
रेड्डी का लंबा करियर रहा है, वे 2007 से 2011 तक सुप्रीम कोर्ट के जज रहे, उससे पहले गुवाहाटी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और बाद में गोवा के पहले लोकायुक्त भी बने। भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चे पर उनकी भूमिका काफी चर्चित रही है।
राजनीतिक हलकों में यह कदम विपक्ष की रणनीतिक चाल माना जा रहा है। एक गैर-राजनीतिक और सम्मानित न्यायिक चेहरा उतारकर विपक्ष NDA को चुनौती देने की कोशिश कर रहा है।
उधर, सत्ता पक्ष यानी NDA ने C. P. राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार बनाया है। राधाकृष्णन महाराष्ट्र के राज्यपाल भी रह चुके हैं और भाजपा के पुराने वफादार नेताओं में गिने जाते हैं।
विपक्ष चाहता है कि चुनाव सिर्फ पार्टी बनाम पार्टी न रहे, बल्कि प्रतिष्ठा बनाम सत्ता का संदेश जाए। रेड्डी का नाम विपक्ष को एक नैतिक बढ़त देता है, “साफ-सुथरी छवि” और “न्यायपालिका की साख” के साथ। NDA की ओर से राधाकृष्णन का अनुभव और पार्टी निष्ठा जवाबी हथियार है। यह मुकाबला संख्याओं का है, लेकिन प्रतीकात्मक रूप से विपक्ष ने बड़ा दांव खेला है।
उपराष्ट्रपति चुनाव सिर्फ संवैधानिक औपचारिकता नहीं रहेगा, बल्कि यह न्यायपालिका की साख और राजनीति की ताक़त के बीच दिलचस्प टकराव का मंच बनेगा।




