नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जीएसटी ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए टैक्स स्लैब को घटाकर अब केवल दो श्रेणियां 5% और 18% कर दिया है। 12% और 28% वाले स्लैब को समाप्त कर दिया गया है।
जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में लिए गए इस फैसले के साथ ही सरकार ने एक और अहम घोषणा की है। अब इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। पहले इस पर 18% टैक्स लगता था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि यह बदलाव 22 सितंबर 2025 से लागू होगा।
पॉलिसी होल्डर्स को होगा सीधा फायदा
बीमा प्रीमियम पर टैक्स खत्म होने से पॉलिसीधारकों को सीधे राहत मिलेगी। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी का मासिक प्रीमियम 20,000 रुपये है तो अब तक उस पर 18% यानी 3600 रुपये अतिरिक्त टैक्स देना पड़ता था। यानी कुल भुगतान 23,600 रुपये करना होता था। अब केवल बेस प्रीमियम 20,000 रुपये का ही भुगतान करना होगा।
इसी तरह, 10,000 रुपये के प्रीमियम पर हर महीने 1800 रुपये की बचत होगी। इससे बीमा योजनाएं आम लोगों के लिए अधिक किफायती हो जाएंगी।
सभी पॉलिसियों पर लागू होगा नियम
सरकार का यह फैसला व्यक्तिगत जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा, यूलिप प्लान, फैमिली फ्लोटर प्लान, सीनियर सिटीजंस प्लान और टर्म प्लान सभी पर लागू होगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि लंबे समय से बीमा प्रीमियम पर टैक्स हटाने की मांग हो रही थी। गहन विचार-विमर्श के बाद इसे जीरो स्लैब में डालने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि कंपनियां इस लाभ को सीधे पॉलिसीधारकों तक पहुंचाएं।
यह बदलाव जीएसटी लागू होने के बाद पहली बार बीमा क्षेत्र को टैक्स राहत देगा और आम जनता को सीधी बचत का फायदा मिलेगा।




