दंतेवाड़ा। लंबे समय से देशभर में हिंसक गतिविधियों को अंजाम दे रहे माओवादी संगठन ने अब हथियार छोड़कर सरकार से शांति वार्ता की पेशकश की है। संगठन की केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय ने प्रेस नोट जारी कर कहा है कि माओवादी सरकार से सार्थक संवाद चाहते हैं।
हालांकि संगठन ने आरोप लगाया कि वार्ता की पहल के बावजूद सरकार लगातार गिरफ्तारी और कार्रवाई को और तेज़ कर रही है। प्रेस नोट के अनुसार, अब तक हजारों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा चुका है, वहीं आंदोलनकारी नेताओं पर भी शिकंजा कसा जा रहा है।
Read Also- NTPC के उप महाप्रबंधक 4.50 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार, एसीबी ने की कार्रवाई
मई 2025 में संगठन को बड़ा झटका तब लगा जब माओवादी महासचिव समेत 28 बड़े नेताओं को सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार कर लिया। केंद्रीय कमेटी का आरोप है कि सरकार इन गिरफ्तारियों और कड़े कदमों के जरिए वार्ता प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
प्रवक्ता अभय ने प्रेस नोट में माओवादियों की मांगें भी रखीं—
- जेल में बंद कैदियों से संवाद की अनुमति दी जाए।
- वार्ता की तैयारी के लिए संगठन को एक महीने का समय मिले।
- देशभर के छात्र, महिला, किसान और श्रमिक संगठनों से समर्थन की अपील की जाए।
अभय ने कहा कि,अगर सरकार ईमानदारी से पहल करे तो वार्ता के ज़रिए शांति स्थापित की जा सकती है।




