रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम में नवरात्रि की धूम के बीच कालिका माता परिसर के गरबा पंडालों पर लगे बैनर सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। इन बैनरों पर स्पष्ट रूप से लिखा है कि गैर-हिंदुओं का प्रवेश गरबा स्थल में पूरी तरह प्रतिबंधित है। आयोजकों का कहना है कि प्रवेश के लिए आईडी कार्ड की जांच के साथ पास दिखाना अनिवार्य होगा और तिलक लगाने के बाद ही अंदर जाने की अनुमति मिलेगी।
प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में नवरात्रि के आयोजन के दौरान गरबा पंडालों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने के पोस्टर नजर आ रहे हैं। रतलाम के कालिका माता क्षेत्र में भी इन बैनरों को टेंटों पर टांग दिया गया है। गरबा समितियों ने बताया कि यह कदम सामाजिक तनाव से बचाव और लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
गरबा नृत्य देखने पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस व्यवस्था की तारीफ की। उनका मानना है कि यह महिलाओं और बालिकाओं की हिफाजत के लिए सकारात्मक कदम है। आयोजक भी जोर देकर कहते हैं कि सख्ती से आईडी जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।
दूसरी तरफ, रतलाम के शहर काजी अहमद अली ने मुस्लिम समुदाय के लिए एक पत्र जारी किया है। इसमें उन्होंने गरबा आयोजनों में जाने से परहेज करने की अपील की है। पत्र में उल्लेख है कि हिंदू समुदाय का महत्वपूर्ण नवरात्रि पर्व चल रहा है, जिसमें गरबा का विशेष आयोजन होता है।
काजी के पत्र में आगे कहा गया है कि अक्सर मुस्लिम युवाओं के गरबा में शामिल होने से आयोजकों को आपत्ति होती है, जिससे दोनों समुदायों के बीच तनाव पैदा हो जाता है। यह भारत की गंगा-जमुनी संस्कृति और भाईचारे को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए, परिवार के बुजुर्गों से अनुरोध है कि बच्चों को ऐसे आयोजनों से दूर रखें, क्योंकि यह उचित नहीं है।
मुसलमानों के गरबा पंडालों में प्रवेश पर रोक का मुद्दा अब जोर-शोर से चर्चा में है। हाल ही में जारी गरबा दिशा-निर्देशों के बाद राज्य भर में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पाबंदी बढ़ गई है। अब अधिकांश पंडालों में आईडी जांच के बाद ही एंट्री हो रही है।




