नई दिल्ली/इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हत्या की अफवाहें तेज हो रही हैं, जिससे देश में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थक आदियाला जेल के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं, जहां इमरान अगस्त 2023 से बंद हैं। परिवार को उनसे मिलने की अनुमति न मिलने से गुस्सा भड़क रहा है। इसी बीच, पाक सरकार ने रावलपिंडी में धारा 144 लागू कर दी है, जो 1 से 3 दिसंबर तक प्रभावी रहेगी। यह कदम हिंसा रोकने और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
#### अफवाहों का केंद्र: इमरान की ‘गायबगी’ और परिवार का दावा
– पिछले एक महीने से इमरान से किसी को भी मिलने की इजाजत नहीं दी गई है। उनके बेटों कासिम और सुलैमान ने कहा है कि सरकार कुछ ‘अलगावकारी’ (irreversible) छिपा रही है। उन्होंने जिंदा होने का सबूत मांगा है, इसे ‘मनोवैज्ञानिक यातना’ करार दिया।
– पाकिस्तान सरकार ने इन अफवाहों को सिरे से खारिज किया है। सूचना मंत्री अत्ताुल्लाह तारार ने कहा कि इमरान जिंदा हैं और जेल में सुरक्षित हैं। जेल अधिकारियों ने भी रॉयटर्स को बताया कि वे ठीक हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों से मुलाकातें सीमित हैं।
– अफवाहें नवंबर 2024 के बड़े प्रदर्शनों के बाद से फैलीं, जब इमरान को ‘डेथ सेल’ में डालने की खबरें आईं। सोशल मीडिया पर #WhereIsImranKhan ट्रेंड कर रहा है।
#### धारा 144 के तहत प्रतिबंध: क्या-क्या बंद?
रावलपिंडी के डिप्टी कमिश्नर डॉ. हसन वकार चीमा ने कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर (पंजाब संशोधन) अधिनियम 2024 के तहत यह आदेश जारी किया। मुख्य प्रतिबंध:
| प्रतिबंध | विवरण |
|———|——–|
| **सभाएं और प्रदर्शन** | 5 या इससे अधिक लोगों की एकत्रता, धरना, जुलूस या विरोध पर पूर्ण रोक। |
| **हथियार और विस्फोटक** | हथियार, कीलें, डंडे, पेट्रोल बम या अन्य खतरनाक वस्तुओं का उपयोग या ले जाना प्रतिबंधित। |
| **भड़काऊ गतिविधियां** | हथियार लहराना, भड़काऊ भाषण या लाउडस्पीकर का इस्तेमाल बंद। |
| **ट्रैफिक और सुरक्षा** | पुलिस के ट्रैफिक प्रतिबंधों का पालन अनिवार्य। उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई। |
इस्लामाबाद में भी धारा 144 18 नवंबर से दो महीने के लिए लागू है। आदियाला जेल के आसपास 80 से ज्यादा चेकपॉइंट लगाए गए हैं, सड़कें सील हैं। पुलिस और पाकिस्तानी सेना सड़कों पर तैनात है। पीटीआई ने जेल और इस्लामाबाद हाई कोर्ट के बाहर ‘मेगा प्रोटेस्ट’ का ऐलान किया है, लेकिन सरकार ने चेतावनी दी है कि उल्लंघन पर गिरफ्तारियां होंगी।
#### राजनीतिक संकट: शहबाज सरकार पर दबाव
– रावलपिंडी को पाक सेना का गढ़ माना जाता है, इसलिए हिंसा का डर है। पीटीआई नेता कहते हैं कि प्रदर्शन तब तक जारी रहेंगे जब तक इमरान से मुलाकात न हो।
– इमरान को 2023 में भ्रष्टाचार और अन्य मामलों में जेल भेजा गया। उनके समर्थक इसे ‘राजनीतिक साजिश’ बताते हैं। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर हिंसक झड़पों की वीडियो वायरल हो रही हैं।
– अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार संगठन जैसे एचआरसीपी ने चिंता जताई है कि इमरान की अलगाव की स्थिति संयुक्त राष्ट्र मानकों का उल्लंघन है।
यह स्थिति पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार के लिए चुनौती बन गई है। अगर प्रदर्शन भड़के, तो पूरे देश में अस्थिरता फैल सकती है। फिलहाल, सरकार अफवाहों को ‘प्रोपेगैंडा’ बता रही है, लेकिन पीटीआई का दबाव बढ़ रहा है। अपडेट के लिए आंखें खुली रखें—स्थिति तेजी से बदल रही है।




