नेशनल डेस्क। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नई दिल्ली यात्रा भारत–रूस संबंधों के लिए मील का पत्थर साबित हुई। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई बैठक में 20 से अधिक महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। ये समझौते माइग्रेशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, उर्वरक, समुद्री सहयोग, मीडिया और पर्यटन जैसे कई क्षेत्रों में आने वाले दशक का रोडमैप तय करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को ‘स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ से आगे बढ़ाकर व्यापक और आधुनिक सहयोग की दिशा में ले जाएगी।
माइग्रेशन और मोबिलिटी: सुरक्षित और वैध यात्रा प्रणाली पर जोर
भारत और रूस के बीच माइग्रेशन ढांचे को मजबूत करने के लिए दो अहम समझौते हुए। एक समझौता दोनों देशों के नागरिकों को दूसरे देश में अस्थायी श्रम गतिविधियों की अनुमति देने पर केंद्रित है। दूसरा अनियमित प्रवासन से निपटने और सुरक्षित यात्रा को सुनिश्चित करने पर आधारित है। इन समझौतों से दोनों देशों के बीच मानव संसाधन विनिमय को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य व खाद्य सुरक्षा: मेडिकल शिक्षा और फूड स्टैंडर्ड्स में सहयोग
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाते हुए भारत और रूस के स्वास्थ्य मंत्रालयों ने मेडिकल सेवाओं, शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया। एफएसएसएआई और रूस की उपभोक्ता संरक्षण एजेंसी के बीच खाद्य सुरक्षा मानकों के क्षेत्र में भी औपचारिक समझौता हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत में रूसी चिकित्सा शिक्षा और फूड क्वालिटी नेटवर्क को नई दिशा मिलेगी।
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समुद्री सहयोग: ध्रुवीय जल क्षेत्रों में संयुक्त प्रशिक्षण
समुद्री क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देते हुए दोनों देशों ने ध्रुवीय (पोलर) जल मार्गों में जहाज संचालन के लिए एक्सपर्ट प्रशिक्षण पर सहमति जताई। समुद्री बोर्डों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी समझौता हुआ। यह कदम भारत के लिए उत्तरी समुद्री मार्ग (NSR) के उपयोग की संभावनाओं को मजबूत करेगा।
उर्वरक आपूर्ति: कृषि क्षेत्र को राहत
भारतीय किसानों के लिए अच्छी खबर देते हुए रूस की JSC UralChem ने भारत की तीन बड़ी उर्वरक कंपनियों—RCF, NFL और IPL के साथ MoU किया है। इससे उर्वरकों की स्थिर सप्लाई सुनिश्चित होने की उम्मीद है, जो कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सीमा शुल्क और डाक सहयोग
सीमा शुल्क विभागों के बीच माल और वाहनों की पूर्व-आगमन जानकारी साझा करने पर प्रोटोकॉल अपनाया गया। भारत पोस्ट और रशियन पोस्ट ने भी लॉजिस्टिक और डाक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए समझौता किया।
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शिक्षा क्षेत्र: विश्वविद्यालयों की नई साझेदारियाँ
उच्च शिक्षा में सहयोग बढ़ाने के लिए कई MoU किए गए। पुणे स्थित डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और टॉम्स्क स्टेट यूनिवर्सिटी ने वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक साझेदारी पर हस्ताक्षर किए। मुंबई विश्वविद्यालय, लोमोनोसोव मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी और रूसी डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड के बीच त्रिपक्षीय शैक्षणिक सहयोग तय हुआ।
मीडिया सहयोग: प्रसारण क्षेत्र में विस्तार
भारत के सार्वजनिक प्रसारक प्रसार भारती और रूस के कई प्रमुख मीडिया समूहों Gazprom Media, नेशनल मीडिया ग्रुप, BIG ASIA, ANO TV-Novosti और TV BRICS—के बीच 5 समझौते हुए। इन समझौतों से दोनों देशों के बीच कंटेंट एक्सचेंज, डॉक्यूमेंट्री और समाचार प्रोडक्शन में नया सहयोग शुरू होगा।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
- 2030 तक भारत–रूस आर्थिक सहयोग कार्यक्रम को मंजूरी दी गई, जो रणनीतिक क्षेत्रों के विकास की रूपरेखा तय करेगा।
- रूस ने इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) में शामिल होने के लिए फ्रेमवर्क एग्रीमेंट अपनाने का फैसला किया।
- भारतीय और रूसी संग्रहालयों के बीच “India Fabric of Time” प्रदर्शनी आयोजित करने का समझौता हुआ।
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रूसी नागरिकों को 30 दिनों का मुफ्त ई-टूरिस्ट वीजा और ग्रुप टूरिस्ट वीजा सुविधा देने की घोषणा की गई—यह व्यवस्था पारस्परिक आधार पर लागू होगी।




