रायपुर। राजधानी रायपुर में सूदखोर तोमर बंधु मामले ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। इसी को लेकर आज राजपूत करणी सेना की महापंचायत आयोजित की जा रही है। महापंचायत में शामिल होने के लिए प्रदेशभर से बड़ी संख्या में करणी सेना के कार्यकर्ता और राजपूत समाज के लोग रायपुर पहुंच रहे हैं। बढ़ती भीड़ और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने संगठन के कई पदाधिकारियों को थाने में बैठाया है।
शनिवार सुबह से ही करणी सेना के सदस्यों का अलग-अलग जिलों से रायपुर पहुंचने का क्रम जारी है। प्रदर्शन का मुख्य केंद्र तोमर बंधु प्रकरण में पुलिस अधिकारियों पर लगे गंभीर आरोप और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग है। संगठन ने कुल 8 प्रमुख मांगें राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के समक्ष रखी हैं।
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करणी सेना और राजपूत क्षत्रिय समाज की प्रमुख मांगें
- थाना प्रभारी योगेश कश्यप को तुरंत निलंबित कर FIR दर्ज की जाए।
आरोप है कि कस्टडी के दौरान उन्होंने रोहित तोमर की पत्नी भावना तोमर के साथ अश्लील हरकतें कीं। - CSP राजेश देवांगन को तत्काल निलंबित कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
- रायपुर SP लाल उम्मेद सिंह (IPS) को पदमुक्त किया जाए।
करणी सेना का आरोप है कि उनके कार्यकाल में कस्टोडियल एक्सेस, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न तथा प्रशासनिक लापरवाही हुई। - वीरेंद्र सिंह तोमर के साथ मारपीट, सड़क पर घसीटना और जूता रखकर अपमान करने वाले सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर कार्रवाई की जाए।
साथ ही मानवाधिकार और संविधान की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। - करणी सेना पदाधिकारियों पर दर्ज कथित झूठे और राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रकरणों को तत्काल निरस्त किया जाए।
- तोमर परिवार को हुए आर्थिक एवं मानसिक नुकसान की भरपाई कराई जाए और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज हो।
- करणी सेना के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत (पूर्व BSF) पर दर्ज FIR रद्द की जाए।
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सभी मामलों की जांच के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच टीम का गठन किया जाए।




