नई दिल्ली, 22 दिसंबर 2025। घने कोहरे और बढ़ते सड़क हादसों के खतरे को देखते हुए यमुना एक्सप्रेसवे पर रविवार से ट्रैक्टर-ट्रॉली के संचालन पर सख्त रोक लगा दी गई है। एक्सप्रेसवे प्रबंधन और ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया है। नए नियमों के अनुसार, रोज शाम 5 बजे के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली का एक्सप्रेसवे पर प्रवेश और संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई ट्रैक्टर-ट्रॉली पाई गई, तो क्रेन की मदद से उसे हटाया जाएगा।
यमुना एक्सप्रेसवे के वरिष्ठ प्रबंधक जेके शर्मा ने बताया कि हाल ही में मथुरा क्षेत्र में हुए सड़क हादसे के बाद विशेष निगरानी बढ़ाई गई है। ट्रैक्टर-ट्रॉली अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, क्योंकि ये धीमी गति से चलते हैं, ओवरलोड होते हैं और पीछे उचित प्रकाश व्यवस्था नहीं होती। कोहरे में ये वाहन समय पर दिखाई नहीं देते, जिससे गंभीर हादसे होते हैं।
शाम 5 बजे के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली को किसी टोल बूथ से प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि दृश्यता 50 मीटर से कम हुई, तो वाहनों को नियंत्रित तरीके से रोका जाएगा। रविवार को घने कोहरे में कॉनवॉय सिस्टम से वाहनों को सुरक्षित गुजारा गया।
गौतमबुद्ध नगर ट्रैफिक पुलिस ने सर्दियों में कोहरे से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 15 दिसंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक स्पीड लिमिट कम कर दी है। यमुना एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों के लिए अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा तथा भारी वाहनों के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। गर्मियों में यह क्रमशः 100 और 80 किलोमीटर प्रति घंटा होती है।
प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे में निर्धारित गति सीमा का पालन करें, सुरक्षित दूरी रखें और लापरवाही से बचें, ताकि सड़क हादसों को रोका जा सके।




