रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और गति लाने के उद्देश्य से सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार 1 जून 2026 से शासन स्तर पर किसी भी प्रकार की भौतिक फाइल या हार्ड कॉपी प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
जारी निर्देशों के तहत अब सभी कार्यालयीन नस्तियां और प्रस्ताव केवल ई-ऑफिस पोर्टल के माध्यम से ही प्रस्तुत किए जाएंगे। यदि कोई विभाग या कार्यालय ऑफलाइन अथवा भौतिक फाइल भेजता है, तो उसे बिना किसी कार्रवाई के आवक स्तर से ही संबंधित विभाग को वापस लौटा दिया जाएगा।
राज्य सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि पूर्व में कई बार निर्देश जारी किए जाने के बावजूद विभिन्न विभागों द्वारा अब भी भौतिक फाइलों का उपयोग किया जा रहा था, जो शासन की डिजिटल कार्यप्रणाली के विपरीत है। इसे देखते हुए अब ई-ऑफिस व्यवस्था को पूर्ण रूप से लागू करने का निर्णय लिया गया है।
सरकार के अनुसार नई व्यवस्था लागू होने के बाद फाइलों के निपटान में तेजी आएगी, कार्यों की ऑनलाइन ट्रैकिंग संभव होगी तथा प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। सभी विभागों और कार्यालयों को निर्देशित किया गया है कि 1 जून से पूर्व आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं।




