रायपुर। राजधानी में ठगी की एक कहानी फिर सामने आई है, जिसमें भरोसा सबसे बड़ा हथियार बना। कपड़ा कारोबारी राजेश तलरेजा को ट्रांसपोर्ट कारोबार में पार्टनर बनाने का सपना दिखाया गया और धीरे-धीरे 21 किश्तों में उनसे 96 लाख 33 हजार रुपए निकलवा लिए गए। कुछ रकम लौटाई गई, ताकि भरोसा बना रहे। फिर अचानक खेल खत्म—आरोपी घर बेचकर शहर से गायब।
मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पीड़ित के मुताबिक, बलवीर सिंग सेंस, शबनम खान और नवनीत कौर ने साल 2001 से 2004 के बीच उसे पार्टनरशिप का झांसा दिया। कागज़ों पर साझेदारी कभी बनी नहीं, लेकिन पैसे लगातार जाते रहे। बीच में 50 लाख 7 हजार रुपए वापस किए गए, जिससे लगा कि सब ठीक है। असली झटका तब लगा, जब बाकी के 46 लाख मांगने पर आरोपी टालमटोल करने लगे।
कुछ ही समय बाद पता चला कि आरोपी अपना घर बेच चुके हैं और रायपुर छोड़कर फरार हो गए हैं। तब जाकर राजेश तलरेजा थाने पहुंचे और पूरी कहानी पुलिस के सामने रखी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि रकम सुनियोजित तरीके से किश्तों में ली गई, ताकि शक न हो। कारोबारी ने पैसे वापस पाने के लिए कई बार संपर्क किया, लेकिन हर बार सिर्फ वादा मिला। अब तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। खास बात यह है कि इस ठगी में दो महिला आरोपी भी शामिल हैं।
फिलहाल सिविल लाइन पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। सवाल वही पुराना है—पार्टनरशिप के नाम पर भरोसा करने से पहले आखिर कितनी जांच जरूरी है? क्योंकि यहां भरोसे की कीमत पूरे 46 लाख साबित हुई।




