मंदसौर। संजीत नाका क्षेत्र की मयूर कॉलोनी में बुधवार को रिहायशी इलाके में घुसे एक तेंदुए को लगभग चार घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। तेंदुआ कॉलोनी स्थित एक निर्माणाधीन मकान में जाकर बैठ गया था। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं।
जिस गली में तेंदुआ मौजूद था, वहां पुलिस ने तत्काल बैरिकेडिंग कर आवाजाही बंद कर दी। वन विभाग की टीम ने ट्रेंकुलाइजर की मदद से तेंदुए को बेहोश किया, जिसके बाद उसे सुरक्षित रूप से पिंजरे में रखा गया। इस दौरान कॉलोनी में तेंदुए के घूमने का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें वह गलियों में दौड़ता नजर आ रहा है।
मकान में मौजूद महिला ने दिखाई सूझबूझ
बुधवार सुबह करीब आठ बजे स्थानीय निवासी बंशी राठौर और संजय जाधव ने सबसे पहले तेंदुए को कॉलोनी में घूमते देखा। कुछ ही देर में तेंदुआ रिहायशी क्षेत्र की ओर बढ़ते हुए एक मकान में घुस गया, जहां एक महिला रोजमर्रा के कार्य कर रही थी। तेंदुए की मौजूदगी का आभास होते ही महिला ने सतर्कता बरतते हुए बाहर निकलकर दरवाजा बंद कर दिया।
स्थानीय लोगों ने नहीं की उकसाने की कोशिश
तेंदुए की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने पूरे इलाके को सतर्क कर दिया और सभी सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए। किसी भी व्यक्ति ने तेंदुए के पास जाने या उसे उकसाने का प्रयास नहीं किया। इसके बाद पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। गांधी सागर से विशेषज्ञों की टीम भी मौके पर बुलाई गई। एसडीईआरएफ के जवानों और वनकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को ट्रेंकुलाइज किया।
जिला वन अधिकारी संजय रायखेरे ने बताया कि यह पांच से आठ वर्ष आयु का नर तेंदुआ है। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे शाम को सुरक्षित रूप से गांधी सागर के जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया।




