गरियाबंद। प्रधानमंत्री आवास योजना में जियो टैगिंग के माध्यम से फर्जी प्रगति दिखाने के मामले में जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने बड़ी कार्रवाई की है। मई महीने में हुई गड़बड़ी के खुलासे के बाद गठित चार सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट पर मैनपुर जनपद की छह ग्राम पंचायतों के पांच आवास मित्र और एक रोजगार सहायक को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
बर्खास्त किए गए कर्मियों में खजूरपदर के नरोत्तम यादव, सरईपानी के धनेश्वर यादव, नवापारा के प्रमोद कुमार नागेश, बजाड़ी के दयानंद यादव, मूचबहाल के सत्यवान साहू तथा धोबनमाल के रोजगार सहायक खीरसिंह बघेल शामिल हैं।
जांच में पाया गया कि कई आवासों की प्रगति बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई गई और कुछ मामलों में आवास अन्य व्यक्तियों के नाम पर दर्ज पाए गए। इस पर तकनीकी सहायक दीपक ध्रुव, अजित ध्रुव और प्रणय कुमार को नोटिस जारी किया गया है। संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिव को भी शो कॉज नोटिस जारी किए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर धारा-40 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिला सीईओ प्रखर चंद्राकर ने बताया कि गड़बड़ी रोकने के लिए नया प्रयोग शुरू किया जा रहा है। अब प्रत्येक आवास की प्रगति रिपोर्ट पंचायत सचिव द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद प्रमाणित की जाएगी, जिससे फर्जी एंट्री पर अंकुश लगेगा।
जिला सीईओ ने स्पष्ट किया कि गड़बड़ी करने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




