रायपुर। दंतेवाड़ा जिले में बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए शासन-प्रशासन ने युद्ध स्तर पर राहत कार्य शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई से हजारों प्रभावित परिवारों तक खाद्यान्न, कपड़े और आवश्यक सामग्री पहुँचाई जा रही है। साथ ही पेयजल स्रोतों का क्लोरिनेशन और हैण्डपम्प की मरम्मत कर लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिला प्रशासन की त्वरित पहल
बाढ़ से हुई क्षति का विस्तृत सर्वे तैयार कर लिया गया है। सर्वे के आधार पर प्रभावित परिवारों को चिन्हांकित कर आवश्यक सामग्री का वितरण किया जा रहा है। स्थानीय विधायक श्री चैतराम अटामी स्वयं राहत कार्यों में जुटे हुए हैं और उन्होंने भटटी पारा वार्ड क्रमांक 04 एवं 05 के 64 परिवारों को राशन किट, कंबल और कपड़े उपलब्ध कराए। देर रात तक चूड़ी टिकरापारा और अन्य तटीय इलाकों में भी सुखा राशन, कपड़े और कंबल बांटे गए।
बैंकों और सामाजिक संस्थाओं का योगदान
आपदा प्रबंधन में प्रशासन के साथ सामाजिक संगठन और बैंक भी आगे आए हैं। एक्सिस बैंक ने राहत सामग्री उपलब्ध कराई जिसे टिकरापारा और शनि मंदिर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित परिवारों तक पहुँचाया गया।
छत्तीसगढ़ शिक्षक साझा मंच ने संवेदनशील पहल करते हुए एक दिन का वेतन सहयोग देने का निर्णय लिया है। वहीं, कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा भी सहयोग राशि राहत सामग्री के रूप में प्रभावितों को उपलब्ध कराई जाएगी।
पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मिशन मोड में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में जुटा है। ग्रामीण भी विभागीय तकनीशियनों के साथ मिलकर पेयजल स्रोतों का क्लोरिनेशन कर रहे हैं। इससे पानीजनित बीमारियों को रोकने में मदद मिल रही है।
जनसहभागिता और प्रशासन की सक्रियता सराहनीय
दंतेवाड़ा बाढ़ राहत कार्य इस बात का प्रमाण है कि शासन-प्रशासन के साथ सामाजिक संगठन और आम लोग मिलकर किसी भी आपदा से निपट सकते हैं। मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है—प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत पहुँचाना और उन्हें पुनर्वास की प्रक्रिया से जोड़ना।




