नई दिल्ली: गुजरात के अहमदाबाद में हुए विमान हादसे के बाद एयर इंडिया कंपनी अब लगभग 475 मिलियन डॉलर यानी करीब 4080 करोड़ रुपये का एविएशन इंश्योरेंस क्लेम दाखिल करने की तैयारी में है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, यह भारत के विमानन इतिहास का सबसे बड़ा बीमा दावा हो सकता है। इस संबंध में भारतीय जनरल इंश्योरेंस निगम (GIC) के प्रमुख रामास्वामी नारायणन ने जानकारी दी है।
यह हादसा 12 जून को उस समय हुआ जब एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरने के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें से 241 की मौत हो गई। इसके अलावा रिहायशी इलाके में गिरने से 30 अन्य लोगों की भी जान चली गई। इस हादसे में 125 मिलियन डॉलर विमान के नुकसान के लिए और शेष 350 मिलियन डॉलर यात्री व तीसरे पक्ष के मुआवजे के लिए दावा किया जा सकता है।
नारायणन के अनुसार, विमान का इंश्योरेंस क्लेम जल्द निपट जाएगा, लेकिन पीड़ितों के मुआवजे में समय लग सकता है। यह दावा राशि 2023 में भारत की संपूर्ण एविएशन इंडस्ट्री द्वारा दिए गए प्रीमियम से लगभग तीन गुना अधिक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस हादसे का असर विमानन बीमा प्रीमियम पर पड़ सकता है, और भविष्य में बीमा पॉलिसियों का नवीनीकरण करते समय कंपनियों को ज्यादा प्रीमियम देना पड़ सकता है। हालांकि, भारतीय बीमा कंपनियों पर सीधा असर सीमित रहेगा, क्योंकि जोखिम का अधिकांश हिस्सा विदेशी पुनर्बीमा कंपनियों को हस्तांतरित किया जा चुका है।




