कांकेर, छत्तीसगढ़। जिले के प्रसिद्ध मलांजकुड़ुम जलप्रपात में एक बार फिर हादसा हुआ है। शनिवार शाम रायपुर से आए 22 वर्षीय गोपाल चंद्राकर की डेंजर जोन में पैर फिसलने से मौत हो गई। हादसे के समय गोपाल अपने पांच दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने यहां आया था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गोपाल चेतावनी बोर्ड को नज़रअंदाज़ करते हुए डेंजर जोन की तरफ चला गया। चिकने पत्थरों पर पैर फिसलते ही वह गहरी खाई में जा गिरा। दोस्तों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन अंधेरा हो जाने के कारण रातभर रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा। आखिरकार रविवार सुबह नगर सेना और गोताखोरों की टीम ने गोपाल का शव बरामद किया।
हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा
मलांजकुड़ुम जलप्रपात में लापरवाही से हर साल ऐसे हादसे सामने आते हैं। साल 2022 में भी दो युवकों की मौत यहीं हो चुकी थी। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस सुरक्षा इंतज़ाम नहीं किए गए हैं। न पर्याप्त सुरक्षा गार्ड तैनात हैं, न ही डेंजर जोन को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है।
उठ रहे हैं सवाल
लगातार होती इन घटनाओं ने पर्यटन स्थलों की बदइंतजामी को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों का कहना है कि जिम्मेदार विभाग केवल कागज़ी खानापूर्ति तक सीमित है, जबकि असली ज़रूरत है — कड़े सुरक्षा प्रबंध, बैरिकेडिंग और पुख्ता निगरानी।
इस हादसे के बाद एक बार फिर सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर कब तक पर्यटन स्थल लापरवाही की वजह से युवाओं की जान लेते रहेंगे?




