नई दिल्ली। सट्टेबाजी ऐप्स के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले डॉ. के. ए. पॉल ने केंद्र सरकार से सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने यह मांग तब की जब एक अगस्त को कोर्ट में सुनवाई के बाद दिल्ली में अज्ञात लोगों द्वारा उन्हें अगवा करने की कोशिश की गई।
डॉ. पॉल ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि सट्टेबाजी ऐप्स ने तेलंगाना में एक हजार से अधिक आत्महत्याओं को बढ़ावा दिया है और 30 करोड़ भारतीयों को अवैध रूप से इस जाल में फंसाया है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका को जनहित का एक अहम मुद्दा मानते हुए केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया था। यह नोटिस जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच द्वारा भेजा गया था, और अगली सुनवाई की तारीख 18 अगस्त तय की गई है।
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याचिका में डॉ. पॉल ने कोर्ट से यह भी मांग की है कि क्रिकेटर्स और अन्य सेलिब्रिटीज को सट्टेबाजी ऐप्स के विज्ञापनों का समर्थन करने से रोका जाए। उनका कहना है कि सेलिब्रिटीज के प्रचार से युवा बड़ी संख्या में इन ऐप्स की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने मीडिया से भी अपील की है कि ऐसे विज्ञापनों को दिखाना तुरंत बंद किया जाए, ताकि देश के तीन करोड़ युवाओं को प्रभावित होने से बचाया जा सके।
एक अगस्त की सुनवाई के बाद डॉ. पॉल पर हमले की कोशिश हुई, जिसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए टैग करते हुए तत्काल सुरक्षा और जांच की अपील की। गृह मंत्रालय ने इस घटना पर संज्ञान लिया है और कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
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दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की तलाश की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला सट्टेबाजी ऐप्स के नियमन को लेकर राष्ट्रीय बहस को और तेज कर सकता है।
सुप्रीम कोर्ट में ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग ऐप्स पर बैन की मांग, सभी राज्यों को भेजा नोटिस




