दंतेवाड़ा /बारसूर। ऐतिहासिक और पौराणिक नगरी के नाम से प्रसिद्ध बारसूर में इन दिनों शासकीय और नजूल जमीनों पर अतिक्रमण जोरों पर है। ऐतिहासिक और पौराणिक नगरी बारसूर में 9 वीं शताब्दी से लेकर 11 वीं 12 वीं शताब्दी की कई सारी प्राचीन मंदिर और धरोहर मौजूद है। तो वही इन ऐतिहासिक धरोहरों को और इनके आस पास के जमीनों को अतिक्रमण करने के लिए सत्ता पक्ष के महोदय बने हुए जनप्रतिनिधि बाज नहीं आ रहे है। पूरे बारसूर नगर पंचायत में इन दिनों अतिक्रमण जोरों पर है।
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ताजा मामला से आपको रूबरू करवाते है, बारसूर स्थित दंतेश्वरी मंदिर से लगे संग्रहालय के गढ़ पार (मेड़) के नाम से प्रसिद्ध धरोहर को भाजपा नेता ने जेसीबी से खुदाई कर पूरे गढ़ पार के धरोहर को तार जाली लगाकर अतिक्रमण किया गया है।
इधर इस मामले को लेकर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष उमेश्वर पुजारी और मौजूदा कांग्रेस पार्षद हेमकुमार नाग का कहना है । जिस गढ़ पार (गढ़ मेड़) में भाजपा नेता ने खोदाई कर अतिक्रमण किया है इसका ऐतिहासिक महत्व है । और यह गढ़ पार (गढ़ मेड़) कई साल पुराना है जब गांव के मावली माता के गुड़ी में मेला होता है तब मेला समापन के बाद देवी देवताओं को नगर भ्रमण करवाने के बाद गढ़ पार में लाया जाता है। और यह प्रक्रिया कई सालों से चली आ रही है। इस गढ़ पार को भाजपा जिला मंत्री जसवीर नेगी के द्वारा खोदाई कर तार जाली लगाकर अतिक्रमण किया गया है।
इधर ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान पहुंचाकर अतिक्रमण करने को लेकर बारसूर के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष उमेश्वर पुजारी ने सीएमओ नगर पंचायत को ज्ञापन भी दिया है।




