रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चिटफंड घोटाले से जुड़ी एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और न्यू राजेन्द्र नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने महाराष्ट्र के पुणे से सांई प्रसाद प्रॉपर्टीज लिमिटेड के डायरेक्टर प्रथमेश नितिन मिरजकर को गिरफ्तार किया है। वह वर्ष 2019 से फरार था और पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी।
आरोपी पर आरोप है कि उसने और उसके साथियों ने फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए हजारों निवेशकों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी की। कंपनी ने “राशि दोगुनी करने” जैसी स्कीमों का लालच देकर लोगों से पैसे लिए थे। रायपुर में न्यू राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र स्थित अशोका मिलेनियम से कंपनी का संचालन होता था, जहां निवेशकों को मोटे ब्याज का झांसा दिया गया।
इस मामले में वर्ष 2019 में एफआईआर क्रमांक 262/2019 दर्ज की गई थी। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 34, छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005, और प्राइज चिट्स एंड मनी सर्कुलेशन स्कीम (पाबंदी) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था। इससे पहले इस मामले में बाला साहब भापकर, वंदना भापकर, शशांक भापकर और शैलेष भोईर को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस को तकनीकी विश्लेषण और गुप्त सूचना के जरिए पता चला कि मिरजकर पुणे के चिंचवाड़ थाना क्षेत्र में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम को पुणे भेजा गया, जहां लगातार निगरानी के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
यह गिरफ्तारी चिटफंड पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।




