रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन कानून व्यवस्था, साइबर अपराध और नशे के अवैध कारोबार को लेकर गहन समीक्षा की गई। बैठक में सीएम साय के तेवर सख्त नजर आए। उन्होंने धमतरी, कोरबा और महासमुंद जिलों के एसपी के कार्यों पर नाराजगी जताई।
सीएम ने धमतरी में लगातार हो रही हत्या और चोरी की घटनाओं, कोरबा में अवैध खदान संचालन तथा महासमुंद में नशीले पदार्थों की बिक्री पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तीनों जिलों के एसपी को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन जिलों में कानून व्यवस्था ठीक नहीं है, वहां के अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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मुख्यमंत्री साय ने नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के कारण अन्य अपराधों को बढ़ावा मिलता है, इसलिए इसके खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और PIT NDPS Act के तहत समय-सीमा में कार्रवाई करने को कहा गया। साथ ही युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
महिला और बालिका से जुड़े आपराधिक मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता से कार्रवाई करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में निर्धारित समयावधि में चालान प्रस्तुत किए जाएं।
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साइबर अपराधों की समीक्षा करते हुए सीएम साय ने कहा कि साइबर अपराध के तरीके लगातार बदल रहे हैं, इसलिए आम जनता को सतर्क और जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने अंतर्विभागीय समन्वय के साथ साइबर जागरूकता अभियान चलाने और साइबर हेल्पलाइन नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश में 5 साइबर थाने संचालित हो रहे हैं और शीघ्र ही 9 नए साइबर थाने शुरू किए जाएंगे। इस मौके पर गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह सहित रेंज आईजी, कलेक्टर, एसपी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।




