सरगुजा। उत्तर छत्तीसगढ़ में ठंड ने इस बार पांच दशक पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बुधवार को अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 57 वर्षों में नवंबर के पहले पखवाड़े का सबसे कम तापमान है। शीतलहरों के कारण पूरे सरगुजा संभाग में ठिठुरन बढ़ गई है और तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण सरगुजा संभाग में शीतलहर का असर बना हुआ है। विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट संभव है।
मैनपाट में बढ़ा तापमान, मंगलवार को पाले पड़े थे
सरगुजा के हिल स्टेशन मैनपाट में बुधवार को न्यूनतम तापमान 8 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि एक दिन पहले यानी मंगलवार को यहां तापमान 4 डिग्री तक गिर गया था और पाले पड़े थे। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बुधवार को बादल छाए रहने और तेज हवाएं चलने से तापमान में हल्की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। हालांकि, हवाओं का असर कम होते ही मैनपाट में फिर से तापमान में गिरावट आने की संभावना है।
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मैदानी इलाकों में भी ठंड का असर ज्यादा
रोचक बात यह है कि इस बार सरगुजा के मैदानी इलाकों में भी मैनपाट से अधिक ठंड महसूस की जा रही है। कई जगहों पर तापमान हिल स्टेशन से भी नीचे दर्ज किया गया है।
मौसम विज्ञानी बोले – पांच दशक बाद नवंबर में इतनी ठंड
मौसम विज्ञानी ए.एम. भट्ठ ने बताया कि पिछले पांच दशक में नवंबर महीने में इतनी ठंड पहली बार दर्ज की गई है। उन्होंने कहा, “उत्तर दिशा से सर्द हवाओं के तेज़ी से प्रवेश करने के कारण तापमान में भारी गिरावट आई है। इसी वजह से पूरे सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ रही है और अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान और नीचे जा सकता है।”




