बलौदाबाजार। शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय टुण्डरा का उपयोगी फर्नीचर निजी स्कूलों को बेचे जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर दीपक सोनी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच के बाद प्रभारी प्राचार्य रमेश बंजारे के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिया हैं। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
शिकायत और जांच
जानकारी के अनुसार, 13 सितम्बर को टुण्डरा नगरवासियों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि विद्यालय प्रबंधन एवं विकास समिति की सहमति से प्रभारी प्राचार्य ने विद्यालय का फर्नीचर निजी स्कूलों को बेच दिया है। शिकायत के बाद प्रशासन ने तहसीलदार टुण्डरा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कसडोल, सहायक शिक्षा अधिकारी और संकुल समन्वयक की टीम गठित कर जांच कराई।
जांच में पाया गया कि 8 सितम्बर को शाला प्रबंधन समिति ने पुराने जर्जर भवन को डिसमेन्टल करने के लिए वहां रखी कबाड़ सामग्री बेचने का निर्णय लिया था। इसी आधार पर प्रभारी प्राचार्य ने ज्ञान अमृत विद्यालय टुण्डरा को 67 टेबल-कुर्सियां और धविका पब्लिक स्कूल शिवरीनारायण को 40 टेबल-कुर्सियां बेच दीं।
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नगरवासियों ने रोका फर्नीचर
शनिवार दोपहर करीब 3 बजे जब निजी स्कूलों को फर्नीचर ले जाया जा रहा था, तब नगरवासियों ने पिकअप वाहनों को विद्यालय गेट पर रोक दिया। मौके पर किए गए भौतिक सत्यापन में यह स्पष्ट हुआ कि बेचा गया फर्नीचर पूरी तरह उपयोगी है और किसी भी तरह से अनुपयोगी या कबाड़ की श्रेणी में नहीं आता।
नियमों की अनदेखी
जांच दल ने बेचे गए फर्नीचर को वापस विद्यालय में सुरक्षित कर सीलबंद कर दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि फर्नीचर निस्तारण की प्रक्रिया में न तो अपलेखन नियमों का पालन किया गया और न ही उच्च कार्यालय से अनुमति प्राप्त की गई। यह कृत्य सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन माना गया है।




