दुर्ग। जिले में बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का अंजोरा पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने मिलकर 8 लोगों से करीब 22 लाख रुपये की ठगी की थी। आरोपियों ने पीड़ितों को स्वास्थ्य विभाग, रेलवे और अन्य सरकारी संस्थानों में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह सुनियोजित तरीके से ठगी की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी पहले बेरोजगार युवाओं से संपर्क करते और खुद को सरकारी अफसरों या विभागीय कर्मचारियों से जुड़ा बताते थे। भरोसा जीतने के लिए वे फर्जी नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र और विभागीय दस्तावेज दिखाते थे। इसके बाद नौकरी “पक्की” कराने के नाम पर उनसे 3 से 5 लाख रुपये तक की राशि वसूल लेते थे।
ठगी की शिकायतें लगातार सामने आने के बाद अंजोरा पुलिस ने मामले की बारीकी से जांच शुरू की। बैंक खातों के लेनदेन, कॉल डिटेल्स और दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने गिरोह के चारों सदस्यों की पहचान की और उन्हें अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है और बताया कि वे बेरोजगार युवाओं को कैसे अपने जाल में फंसाते थे। पुलिस ने उनके पास से फर्जी नियुक्ति पत्र, दस्तावेज, मोबाइल फोन और नकद राशि जब्त की है।
अंजोरा पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संभावित साथियों और पीड़ितों की पहचान में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह का नेटवर्क अन्य जिलों या राज्यों तक फैला है या नहीं।




