रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार को उस समय तनावपूर्ण हो गया जब खाद संकट को लेकर विपक्षी विधायकों ने जोरदार हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। सदन की कार्यवाही जैसे ही प्रश्नकाल में प्रवेश करती, विपक्षी सदस्य गर्भगृह में आकर नारे लगाने लगे। बार-बार समझाने के बावजूद जब हंगामा नहीं थमा, तो विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रश्नकाल को स्थगित करते हुए विपक्षी विधायकों को पूरे दिन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया।
अध्यक्ष डॉ. सिंह ने घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि, प्रश्नकाल लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसे बाधित करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मैंने कई बार शांत रहने की अपील की, लेकिन विपक्षी सदस्य गर्भगृह में आकर लगातार नारेबाजी करते रहे। ऐसा दृश्य छत्तीसगढ़ विधानसभा के 25 वर्षों के इतिहास में कभी नहीं देखा गया। मैं अत्यंत दुख के साथ विपक्षी विधायकों को आज की संपूर्ण कार्यवाही से निलंबित करता हूँ।
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सत्तापक्ष ने भूपेश बघेल पर लगाए उकसाने के आरोप
विधानसभा में हंगामे को लेकर सत्तारूढ़ पक्ष ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर सीधा हमला बोला। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि, आज विपक्ष ने सदन की गरिमा को तार-तार कर दिया। प्रश्नकाल जैसे गंभीर समय में व्यवधान पैदा करना राज्य की लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि विपक्ष को चला कौन रहा था? भूपेश बघेल स्वयं कांग्रेस विधायकों को उकसाने का प्रयास कर रहे थे।
खाद संकट पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने
सदन में यह पूरा विवाद राज्य में उत्पन्न खाद संकट को लेकर हुआ। विपक्ष का आरोप है कि सरकार किसानों को समय पर खाद नहीं उपलब्ध करा पा रही है, जिससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं, सरकार का कहना है कि खाद आपूर्ति पर गंभीरता से काम हो रहा है और विपक्ष मुद्दे को केवल राजनीति का रंग दे रहा है।




