बलरामपुर। दोस्तों को कर्ज देना हमेशा आसान लगता है, लेकिन कभी-कभी वही दोस्त आपकी सबसे बड़ी परेशानी बन सकता है। रघुनाथ नगर में हाल ही में हुई एक घटना इसे साफ़ साबित करती है।
30 अगस्त की शाम चपोता रेड नदी के किनारे एक लाश मिली और साथ में पड़ी हुई मोटरसाइकिल ने सबको चौका दिया। मृतक शिवराज सिंह, सिंगरौली, मध्यप्रदेश का रहने वाला, और उसकी दोस्ती का खाता-किताब उसके दोस्त सियाचंद वैश्य तक चला गया।
दरअसल, सियाचंद ने शिवराज से लाखों रुपये उधार लिए थे। जब कर्ज वापस नहीं मिला, तो उसने गुस्से में आकर चाकू से वार किया और गला घोंटकर हत्या कर दी। शव को नदी में फेंककर उसने सोचा कि पुलिस कभी नहीं पकड़ पाएगी। लेकिन पुलिस ने फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड की मदद से आरोपी को पकड़ ही लिया।
मज़ेदार (और चेतावनी वाला) हिस्सा? आरोपी मध्यप्रदेश में प्राइवेट स्कूल में शिक्षक भी है। हत्या के बाद उसने स्कूल जाकर सब कुछ सामान्य दिखाने की कोशिश की। लेकिन दोस्तों, याद रखिए—कर्ज न चुकाने वाले दोस्त कभी-कभी आपको जिंदगी भर का सबक भी दे सकते हैं। दोस्त को कर्ज दें, लेकिन दिमाग भी इस्तेमाल करें। कोई अगर नहीं चुका पाया, तो इसका अंजाम कभी-कभी जानलेवा भी हो सकता है।




