खैरागढ़। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को समाप्त हो गई। कुलपति डॉ. लवली शर्मा के हस्तक्षेप और कर्मचारियों की 13 में से 9 मांगों को तत्काल स्वीकृति देने के बाद संघ ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। बाकी 4 मांगें शासन स्तर की हैं, जिनके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन राज्य सरकार से अनुशंसा करेगा।
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10 जुलाई से चला आंदोलन, 17 जुलाई को हुआ था अनिश्चितकालीन
गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ ने 10 जुलाई से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया था, जो 17 जुलाई को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल गया। मांगों पर प्रशासन की उदासीनता को लेकर कर्मचारियों ने विरोध तेज किया था।
इन 9 मांगों को कुलपति ने दी स्वीकृति
- हड़ताल अवधि (14, 17, 18, 21 जुलाई) को कार्य दिवस मानते हुए वेतन भुगतान।
- त्रुटिपूर्ण वरिष्ठता सूची जारी करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई।
- 4 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की पुनः नियुक्ति।
- 2025 की अंतिम वरिष्ठता सूची का शीघ्र प्रकाशन।
- वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति।
- रोस्टर बिंदुओं की प्रमाणित प्रति प्रदान करना।
- संघ के लिए स्वतंत्र कक्ष/भवन की व्यवस्था।
- 10 वर्ष सेवा पूर्ण करने वालों को समयमान वेतनमान का लाभ।
- सेवानिवृत्ति से 4 माह पूर्व अंशदान कटौती बंद, समय पर पेंशन सुनिश्चित करना।
इन 4 मांगों पर शासन स्तर से होगी कार्यवाही
- एकल पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने हेतु शासन से पत्राचार।
- सातवें वेतनमान के अनुसार पेंशन लागू करने की अनुशंसा।
- पुरानी पेंशन योजना विश्वविद्यालय कर्मचारियों पर लागू करना।
- सेवानिवृत्त/दिवंगत कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ दिलाने की प्रक्रिया।
कुलपति ने हड़ताल स्थल पर जाकर दिया भरोसा, कर्मचारियों ने जताया आभार
मंगलवार को कुलपति डॉ. लवली शर्मा स्वयं हड़ताल स्थल पहुंचीं और कर्मचारियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने सभी समस्याएं संवेदनशीलता से सुनीं और विश्वविद्यालय स्तर पर संभव 9 मांगों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का आश्वासन दिया। संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार जताते हुए हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की।




