रायपुर। छत्तीसगढ़ में तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज शुक्रवार को भी जारी है। जिससे प्रदेशभर मेर राजस्व विभाग का पूरा कामकाज ठप हो गया है। हड़ताल का असर न केवल राजस्व न्यायालयों की कार्यवाही पर पड़ा है, बल्कि आम नागरिकों को मिलने वाले आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों का निर्माण भी रुक गया है।
हड़ताल के कारण डिजिटल फसल सर्वेक्षण, नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे जरूरी राजस्व संबंधी कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इससे आम लोगों को तहसीलों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, लेकिन फिलहाल समाधान की कोई संभावना नजर नहीं आ रही।
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तहसीलदार संघ का कहना है कि जब तक उन्हें कार्यालयों में आवश्यक संसाधन,जैसे कि पर्याप्त स्टाफ, कंप्यूटर, इंटरनेट और बुनियादी ढांचा उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी। गुरुवार को राजस्व सचिव अविनाश चंपावत के साथ संघ की बैठक भी बेनतीजा रही।
राजस्व विभाग की रीढ़ माने जाने वाले इन अधिकारियों की गैरमौजूदगी से प्रशासनिक तंत्र अस्त-व्यस्त हो गया है। यदि हड़ताल की स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो प्रदेशभर में हजारों नागरिकों को राजस्व संबंधी मामलों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।




