India IPO 2024 Performance : इस साल भारतीय आईपीओ ने दुनिया में सबसे अच्छा रिटर्न दिया है। 6 महीने में आए 36 आईपीओ ने अपनी लिस्टिंग के बाद से अब तक औसतन 57% का रिटर्न दिया है। इसकी तुलना में एशिया प्रशांत क्षेत्र में आए आईपीओ ने 32% का रिटर्न दिया। यह वैश्विक औसत से दोगुना है। अगले 6 महीने में 15 और आईपीओ आ सकते हैं, जिसके जरिए कंपनियां मिलकर करीब 91 हजार करोड़ रुपये जुटा सकती हैं।
Read Also : बस और पेट्रोल टैंकर के बीच हुई जबरदस्त टक्कर, टैंकर में लगी आग, ड्राइवरों समेत 7 घायलों
36 आईपीओ ने करीब ₹88.5 हजार करोड़ जुटाए
प्राइम डेटाबेस ग्रुप के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक आए 36 आईपीओ ने करीब 88.5 हजार करोड़ रुपये जुटाए हैं। ये आईपीओ औसतन 12 गुना ओवरसब्सक्राइब हुए। प्राइम डेटाबेस ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रणव हल्दिया के मुताबिक, यह ट्रेंड जारी रहेगा। जिस तरह की लिस्टिंग गेन हम देख रहे हैं, अगर कोई निवेशक अलॉटमेंट पाने में कामयाब हो जाता है, तो वह जल्दी पैसा बना सकता है।
Read Also : Dantewada Naxalites Surrender: तीन नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, 2 पर थे 5-5 लाख के इनाम
निवेश बैंकों को IPO संभालने के लिए ₹2,038 करोड़ फीस मिली
निवेश बैंकों को शेयर बिक्री (IPO) संभालने के लिए पहली छमाही में 2,038 करोड़ रुपये की फीस मिली है। यह 17 साल में सबसे ज्यादा कमाई है। वित्तीय बाजारों के डेटा प्रदाता एलएसईजी डेटा एंड एनालिटिक्स के आंकड़ों के मुताबिक, इक्विटी कैपिटल मार्केट (ECM) गतिविधि के जरिए जुटाई गई पूंजी 2.5 गुना बढ़कर 2.46 लाख करोड़ रुपये हो गई।
यह किसी भी छमाही में सबसे ज्यादा आंकड़ा है। ECM में IPO, ब्लॉक डील जैसे फॉलो-ऑन ऑफरिंग, फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफरिंग (FPO) और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) शामिल हैं।
Read Also : Central Finance Commission Meeting Begins : केंद्रीय वित्त आयोग की पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक प्रारम्भ
क्या होता है IPO?
जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर आम जनता के लिए जारी करती है, तो उसे इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO कहते हैं। कंपनी को अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए पैसे की जरूरत होती है। ऐसे में कंपनी बाजार से कर्ज लेने की बजाय जनता को कुछ शेयर बेचकर या नए शेयर जारी करके पैसे जुटाती है। इसके लिए कंपनी IPO लाती है।




