Aman Sahu Encounter Case: झारखंड के पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र में कथित मुठभेड़ में मारे गए कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच अब राज्य की क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने अपने हाथों में ले ली है। CID ने चैनपुर थाने में दर्ज पुरानी एफआईआर से जुड़े सभी दस्तावेज और फाइलें कब्जे में ले ली हैं और एक नई प्राथमिकी दर्ज कर जांच की शुरुआत कर दी है।
छत्तीसगढ़ की जेल से लाते वक्त हुई थी मुठभेड़
बताया जा रहा है कि अमन साहू को छत्तीसगढ़ की जेल से पूछताछ के लिए झारखंड लाया जा रहा था। इसी दौरान चैनपुर क्षेत्र में पुलिस और अमन साहू के बीच कथित मुठभेड़ हुई, जिसमें उसकी मौत हो गई। इस घटना को लेकर एटीएस इंस्पेक्टर प्रमोद सिंह के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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फर्जी मुठभेड़ का आरोप, हाईकोर्ट में याचिका
Aman Sahu Encounter Case: अमन साहू की मां ने इस मुठभेड़ को फर्जी करार देते हुए झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने न्यायिक जांच की मांग की है। इस याचिका पर सुनवाई फिलहाल लंबित है, लेकिन कोर्ट के निर्देश के बाद जांच की दिशा और गंभीर हो सकती है।
CID की व्यापक जांच, कई एंगल से होगी पड़ताल
Aman Sahu Encounter Case: CID इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली, मुठभेड़ की परिस्थितियों, और अमन साहू के आपराधिक नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। सूत्रों की मानें तो अमन साहू का नेटवर्क झारखंड के अलावा कई अन्य राज्यों में भी सक्रिय था। उसकी मौत के बाद अब एजेंसियां उस नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं।
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राजनीतिक हलचल तेज
Aman Sahu Encounter Case: अमन साहू के एनकाउंटर को लेकर राज्य की सियासत में भी हलचल मच गई है। विपक्ष ने इस मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है, जबकि सरकार पर मामले को दबाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि CID की जांच में क्या हकीकत सामने आती है- क्या यह मुठभेड़ असली थी या फिर एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई कार्रवाई?




