नई दिल्ली। इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने स्पष्ट और तीखी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरान मिसाइल हमले जारी रखता है, तो “तेहरान को जला दिया जाएगा।” यह बयान उस समय आया है जब ईरान ने इजरायल पर एक के बाद एक कई मिसाइलें दागीं। ये हमले इजरायल द्वारा ईरान के परमाणु, मिसाइल और सैन्य ठिकानों पर की गई कार्रवाइयों के जवाब में हुए हैं।
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काट्ज ने एक उच्चस्तरीय बैठक में यह चेतावनी दी। इस बैठक में इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ एयाल जामीर, मोसाद प्रमुख डेविड बारनेआ और अन्य शीर्ष सैन्य अधिकारी मौजूद थे। काट्ज ने कहा, “ईरानी तानाशाह अपने ही नागरिकों को बंधक बनाए हुए हैं। यदि खामेनेई ने इजरायली नागरिकों पर मिसाइलें दागना जारी रखा, तो विशेष रूप से तेहरान इसके भयानक परिणाम भुगतेगा।”
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IDF के अनुसार, बीती रात से अब तक ईरान ने इजरायल पर लगभग 200 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इनमें से अधिकांश को इजरायली एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया, लेकिन लगभग 25 प्रतिशत मिसाइलें सिस्टम को चकमा देकर इजरायल की जमीन तक पहुंचीं। कुछ मिसाइलें रिहायशी इलाकों में भी गिरीं, जिससे तेल अवीव, रमात गन और रिशोन लेजिओन जैसे शहरों में नुकसान हुआ है।
इन हमलों में अब तक तीन इजरायली नागरिकों की मौत हो चुकी है और करीब 70 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हालांकि, IDF ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनके सभी सैन्य और वायुसेना ठिकाने पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है।
इसके अलावा, ईरान ने शुक्रवार को 100 से अधिक ड्रोन भी इजरायल की ओर भेजे थे। रात भर में और भी कई ड्रोन हमले हुए, जिन्हें इजरायली वायुसेना और नौसेना ने समय रहते मार गिराया।
IDF प्रमुख एयाल जामीर और इजरायली वायुसेना प्रमुख टॉमर बार ने एक संयुक्त बयान में कहा, “तेहरान तक पहुंच अब मुमकिन है। हमारी वायुसेना पूरी तरह तैयार है और आवश्यकता पड़ी तो सीधे तेहरान में ऑपरेशन किया जाएगा।”
यह ताजा बयान और घटनाक्रम पश्चिम एशिया को एक व्यापक युद्ध की ओर धकेल सकते हैं। अब वैश्विक समुदाय की नजर इस पर है कि क्या यह चेतावनी महज शब्दों तक सीमित रहती है या इजरायल सचमुच कार्रवाई करता है।




