आशीष पदमवार
बीजापुर। जिले के घने जंगलों में स्थित नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शुक्रवार को माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 8 लाख रुपये के इनामी माओवादी डिप्टी कमांडर सोढ़ी कन्ना को मार गिराया। घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और नक्सली सामग्री बरामद की गई है।
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव ने बताया कि माओवादी कैडर की संदिग्ध गतिविधियों की विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद 4 जुलाई 2025 से एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस अभियान में डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा, एसटीएफ, कोबरा बटालियन 202 व 210 तथा सीआरपीएफ की यंग प्लाटून शामिल थी। ऑपरेशन के दौरान कई चरणों में रुक-रुक कर मुठभेड़ होती रही। इसमें एक माओवादी के मारे जाने की पुष्टि हुई।
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स्नाइपर के रूप में सक्रिय था सोढ़ी कन्ना
मुठभेड़ के बाद सर्च ऑपरेशन के दौरान घटनास्थल से एक वर्दीधारी माओवादी का शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान सोढ़ी कन्ना के रूप में की गई। वह प्रतिबंधित संगठन PLGA की बटालियन नंबर 01 की कंपनी नंबर 02 में डिप्टी कमांडर के पद पर तैनात था और कुख्यात माओवादी माड़वी हिडमा का करीबी सहयोगी माना जाता था।
सोढ़ी कन्ना संगठन में स्नाइपर की भूमिका में सक्रिय था और उस पर टेकलगुड़ियम क्षेत्र में हुई कई हिंसक घटनाओं एवं धरमारम कैंप पर हमले में शामिल होने के आरोप थे। सुरक्षाबलों के अनुसार, उसकी मौत माओवादी संगठन के लिए एक बड़ी सैन्य क्षति मानी जा रही है।
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हथियार और नक्सली सामग्री बरामद
घटनास्थल से सुरक्षाबलों ने एक नग .303 रायफल, 5 नग जिंदा राउंड, एक AK-47 मैग्जीन, 59 नग जिंदा राउंड, एक जोड़ी माओवादी वर्दी, कोडेक्स वायर, सेफ्टी फ्यूज, डेटोनेटर, नक्सली साहित्य, पिट्ठू बैग, रेडियो और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की है।
IG बस्तर का बयान
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि बस्तर संभाग में वर्ष 2024 की निर्णायक सफलताओं के बाद 2025 में भी CPI (माओवादी) के खिलाफ सघन, रणनीतिक और निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 18 महीनों (2024–25) में अब तक 415 हार्डकोर माओवादी मारे गए हैं, जो सुरक्षाबलों की रणनीति, साहसिक कार्रवाई और जनता के सहयोग का प्रत्यक्ष प्रमाण है




