रायपुर। राजधानी के चर्चित ड्रग पैडलिंग केस में बड़ा मोड़ आने वाला है। मुंबई से गिरफ्तार की गई और मीडिया रिपोर्ट्स में “ड्रग्स क्वीन” कहलाई जा रही नव्या मलिक की पाँच दिन की पुलिस रिमांड आज समाप्त हो रही है। अब उसे एक बार फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस आगे रिमांड की माँग करेगी या सीधे न्यायिक हिरासत की, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
रिमांड में चौंकाने वाले दावे
सूत्रों के मुताबिक, पाँच दिन की कस्टडी में नव्या ने कई अहम खुलासे किए हैं। दावा किया जा रहा है कि वह शहर के कई रसूखदार कारोबारियों, राजनीतिक शख्सियतों और अफसरों से संपर्क में थी। लगभग 50 से ज़्यादा प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी भी नाम को आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किया है।
माना जा रहा है कि पुलिस पर इन बड़े नामों को बाहर न लाने का दबाव भी है।
बॉयफ्रेंड अयान परवेज़ भी रडार पर
इधर पुलिस ने नव्या के बॉयफ्रेंड अयान परवेज़ को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उसके मोबाइल से कुछ आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए हैं जिनकी फॉरेंसिक जाँच कराई जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि, अयान भी नव्या की तरह जाँच में कई हाई-प्रोफ़ाइल लिंक उजागर कर सकता है।
अब तक की कार्रवाई
- रायपुर पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े कई पैडलर्स को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
- हाल के महीनों में चलाए गए एंटी-ड्रग ऑपरेशन्स में छत्तीसगढ़ और पंजाब के बड़े पैडलर्स भी पकड़े गए।
- गंज थाना समेत शहर के विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज हैं।
- सिंथेटिक ड्रग MDMA और अन्य केमिकल्स की सप्लाई लाइन को ट्रैक किया जा रहा है।
पुलिस की अगली रणनीति
आज कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस के सामने दो विकल्प होंगे:
- फिर से पुलिस रिमांड की माँग – अगर और पूछताछ या बरामदगी बाकी है।
- न्यायिक हिरासत (जेल भेजना) – अगर कस्टडी की ज़रूरत पूरी हो चुकी है।
साथ ही, डिजिटल फॉरेंसिक जाँच (फोन कॉल डिटेल्स, चैट्स, UPI ट्रांजेक्शन और क्लाउड बैकअप) इस केस की असली तस्वीर सामने ला सकती है।
हाई-प्रोफ़ाइल दबाव का पहलू
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पुलिस पर रसूखदार लोगों के नाम छुपाने का दबाव है। हालांकि, आधिकारिक रूप से इस तरह का कोई बयान सामने नहीं आया है। अभी तक सभी दावे “जांचाधीन” हैं और अदालत में दोष सिद्ध होने तक अभियुक्त निर्दोष माना जाता है।
रायपुर का यह ड्रग केस अब सिर्फ एक क्रिमिनल केस नहीं, बल्कि सिस्टम, राजनीति और हाई-प्रोफ़ाइल नेटवर्क की परतें खोलने वाली जाँच बन चुका है। आज की पेशी इस दिशा में अहम होगी कि पुलिस कितनी गहराई तक जाने को तैयार है और क्या सच में वे नाम उजागर होंगे जिनकी चर्चा शहरभर में है।




