जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में सक्रिय रही नक्सल संगठन की सबसे कुख्यात महिला कमांडरों में से एक सुजाता ने आखिरकार हथियार डाल दिए। सुजाता ने तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।
पिछले 43 वर्षों से नक्सल संगठन से जुड़ी रही सुजाता नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी की मेंबर और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो की इंचार्ज थी। सरकार ने उस पर 1 करोड़ रुपए का इनाम घोषित किया था। बस्तर में हुई कई बड़ी नक्सली वारदातों में उसका नाम सामने आया था।
सुजाता, मारे गए कुख्यात नक्सली कमांडर किशनजी की पत्नी है। किशनजी का पहले ही सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में एनकाउंटर हो चुका है। अब सुजाता ने भी नक्सल रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है। सरेंडर के समय उसके साथ तीन अन्य नक्सली भी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए।
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