रायपुर। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की सक्रिय पहल पर प्रदेश के सात नए जिलों में केन्द्रीय विद्यालय खोलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। लोक शिक्षण संचालनालय ने संबंधित जिलों के कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि वे केन्द्रीय विद्यालय खोलने के लिए आवश्यक प्रस्ताव और अभिमत शीघ्र तैयार कर संचालनालय को भेजें।
शुरुआत में ये विद्यालय बालोद, बलौदाबाजार, बलरामपुर, गरियाबंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में खोले जाएंगे। प्रस्तावों के आधार पर राज्य शासन, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के साथ समन्वय कर इन जिलों में स्कूल खोलने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। इसके अलावा कुछ जिलों में नवोदय विद्यालय खोलने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सके।
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मॉडल स्कूलों का भी होगा विकास
शिक्षा विभाग ने प्रदेश के स्कूलों को ‘मॉडल स्कूल’ के रूप में विकसित करने की योजना भी शुरू की है। इसके तहत हर साल 1,000 से 1,500 स्कूलों को बेहतर सुविधाओं और प्रशिक्षित शिक्षकों के साथ विकसित किया जाएगा। इन स्कूलों के भवनों का नवीनीकरण, पर्याप्त शिक्षक व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। संचालन सीधे विभाग के अधीन होगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा सके।
इसके अलावा पीएमश्री, सेजेस, इग्नाइट स्कूल और 72 मुख्यमंत्री डीएवी स्कूलों को भी मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।
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स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने हाल ही में विभाग की समीक्षा बैठक में शिक्षा व्यवस्था और गुणवत्ता में सुधार के लिए कई निर्देश दिए थे। अधिकारियों को विभिन्न योजनाओं पर तेजी से कार्य करने और शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।




