नेशनल डेस्क। उत्तर भारत में सर्दी इस कदर हावी है कि कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित होने लगा है। पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान के अनेक हिस्सों में रविवार को न्यूनतम तापमान तीन से सात डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। ठंडी हवाओं की तेज़ रफ्तार ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है।
मध्य प्रदेश: बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपी
मध्य प्रदेश इस समय सबसे ज्यादा ठंड की मार झेल रहा है। ज्यादातर शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे लुढ़क गया। भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में शीतलहर ने सितम ढाया। वहीं इंदौर में ठंड ने 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। रविवार रात तापमान 5.7 डिग्री तक गिर गया, जो वर्ष 2015 के बाद सबसे कम है। 24 दिसंबर 2015 को यहां 7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था।
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राजस्थान: कड़ाके की ठंड के बीच सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ
राजस्थान में सर्द हवाओं के बीच पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने से मौसम में हल्का बदलाव आया है। जोधपुर और जैसलमेर समेत कई जिलों में बादल छाए रहे, जिससे न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। लोगों को शीतलहर से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन ठंड का असर कम नहीं हुआ।
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल: पहाड़ों पर ‘सफेद सर्दी’ का आगमन
जम्मू-कश्मीर के कई क्षेत्रों में तापमान शून्य से भी नीचे जा चुका है। अमरनाथ यात्रा बेस कैंप रविवार को माइनस 4.3 डिग्री के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा। हिमाचल प्रदेश में रोहतांग दर्रे पर हल्की बर्फबारी हुई, जिसके बाद पहाड़ों ने सफेद परत ओढ़ ली है। बर्फीली हवा मैदानों तक पहुंचकर ठिठुरन और बढ़ा रही है।




