नई दिल्ली: सरकारी रिजर्व बैंक (SIR) के खिलाफ विपक्षी दलों का संसद में प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन जारी रहा। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही सभी विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ सांसद सदन के वेल तक पहुंच गए। इस दौरान स्पीकर ओम बिरला ने प्रश्नकाल को जारी रखा, लेकिन विपक्ष ने लगभग 20 मिनट तक ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ के नारे लगाए।
इसके बाद स्पीकर ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित घोषित कर दी। राज्यसभा में भी विपक्ष का प्रदर्शन और नारेबाजी जारी रही। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘लोकतंत्र की रक्षा के लिए विरोध-प्रदर्शन आवश्यक है।’
इससे पूर्व विपक्ष ने सुबह 10:30 बजे संसद परिसर में मकर द्वार के समक्ष दूसरा दिन का प्रदर्शन किया। विपक्ष की मुख्य मांग है कि सरकार SIR मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराए।
सत्र के प्रारंभिक दिन (एक दिसंबर) दोनों सदनों में SIR तथा वोट चोरी के आरोपों पर विपक्ष ने हंगामा किया था। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में स्पष्ट किया कि सरकार SIR तथा चुनावी सुधारों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह इस मुद्दे पर कोई समय सीमा न थोपें।
सूत्रों के अनुसार विपक्ष ने तर्क दिया है कि चर्चा में SIR शब्द की जगह सरकार इलेक्टोरल रिफॉर्म या अन्य उपयुक्त नाम का उपयोग कर विषय को कार्यसूची में शामिल कर सकती है। सरकार इस प्रस्ताव पर सहमत हो सकती है तथा अपना रुख बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में रखेगी।




