रायपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान खरीदी शुरू होने से पहले राज्य सरकार ने सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। धान खरीदी सॉफ्टवेयर का ट्रायल रन पूरा हो चुका है और किसानों के लिए ऑनलाइन टोकन जारी करने की प्रक्रिया नवंबर से शुरू हो गई है।
धान बेचने में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए खाद्य विभाग ने ‘तुंहर टोकन’ नामक मोबाइल ऐप तैयार किया है। इस ऐप के माध्यम से किसान अपने मोबाइल से उपार्जन केंद्र और तिथि का चयन कर ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे। ऐप में किसान अपनी भूमि, बैंक खाता, समिति की जानकारी और खरीदी से जुड़ी ताज़ा सूचनाएं भी देख सकेंगे। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है।
राज्य में अब तक 26 लाख 49 हजार से अधिक किसान इस ऐप पर पंजीकृत हैं, जो पिछले सीजन की तुलना में लगभग एक लाख अधिक हैं। सरकार ने 15 नवंबर से धान खरीदी की औपचारिक शुरुआत करने की तैयारी की है।
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छोटे किसानों को 2, बड़े किसानों को 3 टोकन
खाद्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सीमांत (2.5 एकड़ तक) और लघु (2.5 से 5 एकड़ तक) किसानों को अधिकतम 2 टोकन, जबकि बड़े (5 एकड़ से अधिक) किसानों को 3 टोकन की अनुमति दी जाएगी। सभी टोकनों की कुल मात्रा किसान की खरीदी योग्य सीमा से अधिक नहीं हो सकेगी। प्रत्येक बोरे में 40 किलो (0.40 क्विंटल) धान भरने का प्रावधान रखा गया है।
सत्यापित बैंक खाता अनिवार्य
सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं किसानों को टोकन मिलेगा जिनका बैंक खाता सत्यापित (Verified) है। जिन किसानों के खाते अपुष्ट हैं, उन्हें टोकन जारी नहीं किया जाएगा। यह व्यवस्था धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है।
खरीदी में पारदर्शिता के लिए कमांड सेंटर
धान खरीदी में अनियमितताओं को रोकने के लिए मार्कफेड द्वारा ‘इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर’ की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही जिला स्तर पर भी कंट्रोल एंड कमांड सेंटर बनाए जा रहे हैं, ताकि खरीदी कार्यों की सतत निगरानी हो सके।
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प्रशासनिक अधिकारियों को मिला प्रभार
खरीदी केंद्रों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रत्येक केंद्र का प्रभार प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया है। इसके अलावा, शून्य सूखत (बिना नुकसान वाले) आने वाली समितियों को पांच रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
अवैध धान परिवहन पर सख्ती
राज्य सरकार ने अवैध धान परिवहन रोकने के लिए सभी जिलों में चेकपोस्ट स्थापित करने का निर्णय लिया है। विशेषकर ओडिशा और अन्य राज्यों से आने वाले धान को रोकने के लिए 16 प्रमुख चेकपोस्ट बनाए जाएंगे, जहां राजस्व, कृषि, वन और पुलिस विभाग के अधिकारी तैनात रहेंगे।




