हर साल भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा से पितृ पक्ष की शुरुआत होती है और इसका समापन आश्विन माह की अमावस्या को होता है। इस साल पितृ पक्ष 7 सितंबर से शुरू होकर 21 सितंबर तक रहेंगे।
क्यों खास है यह समय
पितृ पक्ष में लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण करते हैं। माना जाता है कि इस दौरान तुलसी का पूजन करने से पितरों की विशेष कृपा मिलती है, क्योंकि तुलसी में मां लक्ष्मी का वास माना गया है।
तुलसी से जुड़े खास उपाय
- पितृ पक्ष में तुलसी के पौधे के पास एक कटोरी रखें और उसमें धीरे-धीरे गंगाजल डालते हुए पितरों को स्मरण करें।
- उनके नाम का 5 से 7 बार जप करें और गंगाजल का घर में छिड़काव करें। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और पितरों का आशीर्वाद मिलता है।
- सोमवार, मंगलवार और बुधवार को तुलसी पूजन का खास महत्व है। इस दिन तर्पण के बाद तुलसी के पास कपूर रखकर दीपक जलाएं।
मिलेगा सुख-समृद्धि का वरदान
कहा जाता है कि इन उपायों से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और घर में स्थायी सुख-शांति बनी रहती है। श्राद्ध पक्ष में पूर्वजों को अर्पित भोजन में तुलसी दल डालना भी जरूरी माना गया है, जिससे पितृ प्रसन्न होते हैं और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।




