रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार को अपने चौथे दिन राजनीतिक सरगर्मी और आरोप-प्रत्यारोप के दौर से गुजरने वाला है। विपक्ष पूरी तैयारी के साथ सरकार को घेरने के मूड में है, वहीं सरकार भी जवाब देने के लिए तैयार नजर आ रही है। इस दिन सदन में कई ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ पांच महत्वपूर्ण विधेयकों को प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे सत्र का यह दिन खासा हलचल भरा रहने वाला है।
मंडल संयोजक भर्ती परीक्षा पर विपक्ष का हमला तय
आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग में मंडल संयोजक भर्ती परीक्षा को लेकर उठे विवाद पर विपक्ष सरकार को कटघरे में खड़ा करेगा। इस मुद्दे पर तीखी बहस की संभावना है। विभागीय मंत्री राम विचार नेताम विपक्ष के आरोपों का जवाब देंगे और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी सदन में रखेंगे।
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भारतमाला परियोजना में घोटाले का मुद्दा गरमाएगा सदन
विधायक धरमलाल कौशिक भारतमाला परियोजना में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर निशाना साधेंगे। इस बड़े प्रोजेक्ट में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को विपक्ष सदन में जोर-शोर से उठाएगा, जिससे सरकार की जवाबदेही तय करने की कोशिश की जाएगी।
पंचायतों की दुर्दशा पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव
विधायक राघवेंद्र सिंह जांजगीर-चांपा जिले की ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों में हो रही अनियमितताओं को लेकर सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाएंगे। पंचायत व्यवस्था की बदहाली को लेकर विपक्ष सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में है।
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सरकारी मकानों की बिक्री और वित्तीय पारदर्शिता पर उठेंगे सवाल
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा मकानों की बिक्री में पारदर्शिता की कमी और प्रक्रिया की जटिलताओं पर भी विपक्ष सवाल उठाएगा। इस संबंध में वित्त मंत्री ओपी चौधरी अपने विभाग से जुड़े तमाम प्रश्नों का उत्तर सदन में देंगे।
पांच महत्वपूर्ण विधेयक होंगे पेश
चौथे दिन सदन में शासन-प्रशासन से जुड़े पांच महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश किया जाएगा। इन विधेयकों पर चर्चा के बाद पारित करने की प्रक्रिया पूरी होगी। इनमें जनहित और राज्य के विकास से संबंधित विषयों को प्राथमिकता दी गई है।




