रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए दो नई योजनाओं प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भर मिशन का शुभारंभ किया। इन योजनाओं का लाभ देश के 100 जिलों के किसानों को मिलेगा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा, कोरबा और जशपुर जिले भी इस योजना में शामिल किए गए हैं।
राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के कृषक सभागार में इस अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आज देश के अन्नदाताओं के हित में एक दूरदर्शी पहल की है, जिससे कृषि क्षेत्र में नई क्रांति आएगी।
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मुख्यमंत्री साय ने बताया कि योजनाओं के तहत उन जिलों को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जहां अब तक अनाज उत्पादन अपेक्षाकृत कम रहा है। ऐसे क्षेत्रों के किसानों को विशेष सुविधाएं, आधुनिक तकनीकी सहायता और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उनकी उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
उन्होंने कहा कि जीएसटी सुधारों से भी किसानों को बड़ा लाभ प्राप्त हुआ है। कृषि उपकरणों, खाद्यान्न और संयंत्रों की कीमतों में उल्लेखनीय कमी आई है। यहां तक कि ट्रैक्टरों के दामों में करीब एक लाख रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे किसानों का आर्थिक बोझ कम हुआ है।
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मुख्यमंत्री साय ने आगे बताया कि राज्य सरकार ने हाल ही में कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस आयोजित की है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।




