नई दिल्ली। महाराष्ट्र में नवंबर 2024 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीति एक बार फिर से गर्मा गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्षी नेता राहुल गांधी ने चुनावी धांधली के आरोप लगाए हैं, जिनमें उन्होंने मैच फिक्सिंग जैसी अनियमितताओं का जिक्र किया। उनके इस आरोप ने राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।
“संकल्प से सिद्धि तक” एक भारत, श्रेष्ठ भारत के निर्माण को समर्पित अभियान: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य के आगामी चुनाव में धांधली का एक बड़ा खेल खेला जा रहा है। उन्होंने इसे “मैच फिक्सिंग” जैसा करार दिया। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर में 113 करोड़ रूपये से अधिक के विकास एवं निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण तथा भूमि-पूजन
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों का खंडन करते हुए उन्हें “बेतुका” और “गलत सूचना फैलाने वाला” करार दिया। आयोग ने कहा कि इस तरह की बयानबाजी न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह लोकतंत्र और चुनावी प्रणाली पर अनावश्यक शक डालती है। आयोग ने चेतावनी दी कि ऐसी गतिविधियाँ न केवल राजनीतिक दलों के कामकाजी सदस्यों को बदनाम करती हैं, बल्कि आम जनता को भी गलत दिशा में प्रभावित करती हैं।
इसी बीच, राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक और पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग की कार्रवाइयों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आयोग को बिना हस्ताक्षर के नोट जारी करना और मामले को टालना “गंभीर सवालों” का जवाब देने का तरीका नहीं है।
राजनीतिक दबाव और आरोप-प्रत्यारोप के बीच महाराष्ट्र में चुनावी तैयारियां अब और दिलचस्प हो गई हैं।




