रायपुर। राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित फुंडहर बस्ती के लोग लगातार हो रहे ई-चालान से परेशान हैं। करीब तीन हजार की आबादी वाली इस बस्ती में लगभग हर घर तक ट्रैफिक पुलिस का चालान पहुंच चुका है। तीन साल में किसी के 17, किसी के 10 तो किसी के 7 चालान कटे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चालान का एक ही कारण है, बिना हेलमेट बाइक चलाना। बस्ती से महज 100 मीटर दूर फुंडहर चौक पर लगे सीसीटीवी कैमरे बिना हेलमेट वालों की तस्वीर कैप्चर कर देते हैं और मोबाइल पर 500-500 रुपये का ई-चालान आ जाता है। समय पर भुगतान न करने पर यह रकम दोगुनी हो जाती है।
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कैमरों के कारण फंसे स्थानीय लोग
फुंडहर चौक की मुख्य सड़क बस्ती को दो हिस्सों में बांटती है। आधी आबादी सड़क के एक ओर, आधी दूसरी ओर रहती है। रोजमर्रा के काम जैसे सब्जी खरीदना, तालाब जाना, क्रिकेट मैदान, मंदिर या श्मशान घाट जाने के लिए लोगों को सड़क पार करनी पड़ती है। इस दौरान बिना हेलमेट बाइक चलाने पर चालान कट जाता है।
पांच दिन में पांच चालान
सब्जी विक्रेता ओम के अब तक 17 चालान कट चुके हैं, जिनका भुगतान न करने पर रकम डबल हो गई है। वहीं, निलेश कुमार साहू के छह चालान आ चुके हैं। मोहन लाल साहू ने बताया कि बच्चे को स्कूल छोड़ने के दौरान पांच दिनों में उनके पांच चालान कट गए, जबकि उनकी आय से ज्यादा रकम चालान में जा रही है।
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स्थानीयों की मांग
लोगों का कहना है कि वे मेन रोड या एक्सप्रेसवे पर जाने पर हेलमेट लगाने को तैयार हैं, लेकिन बस्ती के भीतर 100 मीटर की दूरी पर चालान आना अनुचित है। उनकी मांग है कि या तो बस्ती की ओर लगे कैमरे हटाए जाएं या फिर स्थानीय लोगों को चालान से छूट दी जाए।




